मिचेल स्टार्क WTC के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज, 230 विकेट के साथ कमिंस-लियोन को पछाड़ा
सारांश
मुख्य बातें
मिचेल स्टार्क ने 22 अगस्त को साउथ मैके में बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 10 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट लेते हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने ही साथी गेंदबाजों — कप्तान पैट कमिंस और स्पिनर नाथन लियोन — को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया।
WTC में स्टार्क का अजेय रिकॉर्ड
2019 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत से लेकर अब तक स्टार्क ने 56 मैचों की 108 पारियों में कुल 230 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने WTC में 8 बार एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है। उनका WTC में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 58 रन देकर 7 विकेट है।
कमिंस ने 54 टेस्ट की 99 पारियों में 225 विकेट लिए हैं, जबकि लियोन ने 57 टेस्ट की 100 पारियों में 225 विकेट लिए हैं। दोनों संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
टेस्ट क्रिकेट में डेल स्टेन को भी पछाड़ा
इस मैच में स्टार्क ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की — उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन को पीछे छोड़ दिया और टेस्ट फॉर्मेट के दसवें सबसे सफल गेंदबाज बन गए। 36 वर्षीय स्टार्क के अब 107 टेस्ट मैचों की 205 पारियों में 441 विकेट हो चुके हैं।
स्टेन ने 2004 से 2019 के बीच 93 टेस्ट मैचों में 439 विकेट लिए थे और अब वे टेस्ट के सफलतम गेंदबाजों की सूची में 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।
स्टार्क के टेस्ट करियर के आँकड़े
स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में 19 बार एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है, जबकि 3 बार एक मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। उनका टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी 58 रन देकर 7 विकेट है। यह ऐसे समय में आया है जब स्टार्क अपने करियर के अंतिम पड़ाव में भी अपनी धार बनाए हुए हैं।
बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन
साउथ मैके में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन स्टार्क ने बांग्लादेश की पारी में तूफानी गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में महज 12 रन देकर 6 विकेट झटके। यह प्रदर्शन न केवल WTC रिकॉर्ड बनाने में निर्णायक रहा, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनकी श्रेष्ठता को एक बार फिर रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि WTC की शुरुआत से ही स्टार्क ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की रीढ़ रहे हैं। आने वाले मैचों में उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की WTC फाइनल की संभावनाओं को और मजबूत कर सकता है।