साउथ मैके टेस्ट: स्टार्क और शोरिफुल की 6-6 विकेट की कहर, पहले दिन 18 विकेट गिरे; ऑस्ट्रेलिया 165/8
सारांश
मुख्य बातें
साउथ मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में 22 अगस्त को शुरू हुए ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के पहले दिन गेंदबाजों का पूरी तरह राज रहा — दोनों पारियों में मिलाकर कुल 18 विकेट गिरे। मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश को 64 रन पर समेटा, जबकि बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम ने पलटवार करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 165 रन पर 8 विकेट की स्थिति में ला खड़ा किया।
बांग्लादेश की पहली पारी: स्टार्क की घातक गेंदबाजी
टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया और मिचेल स्टार्क ने इस निर्णय को सही ठहराया। स्टार्क ने 10 ओवर में महज 12 रन देकर 6 विकेट झटके और बांग्लादेश की शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी — पहले 5 बल्लेबाज मात्र 15 रन के स्कोर पर पेवेलियन लौट गए।
कमिंस ने 3 विकेट और जोश हेजलवुड ने 1 विकेट लेकर स्टार्क का साथ दिया। बांग्लादेश की ओर से 11वें नंबर पर उतरे शोरिफुल इस्लाम ने 14 रन बनाकर पारी के सर्वोच्च स्कोरर का खिताब हासिल किया और टीम को किसी तरह 64 रन तक पहुँचाया।
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी: शोरिफुल का पलटवार
बांग्लादेश को महज 64 रन पर ढेर करने के बाद जब ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो खुद उसकी हालत भी नाजुक हो गई। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम ने 11 ओवर में 35 रन देकर 6 विकेट लेकर पूरी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को हिला दिया। तस्कीन अहमद और मेहदी हसन मिराज को 1-1 विकेट मिला।
ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टीव स्मिथ ने 42 रन और ट्रैविस हेड ने 22 रन बनाए, जबकि छह बल्लेबाज दोहरे अंक तक भी नहीं पहुँच सके। दिन का खेल समाप्त होने तक कैमरन ग्रीन 51 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं और नाथन लियोन 10 रन पर उनके साथ हैं।
मौजूदा स्थिति और बढ़त
दिन के अंत में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बढ़त 101 रन की है। गौरतलब है कि पिच पर तेज गेंदबाजों को इस कदर मदद मिलना दोनों टीमों के लिए अप्रत्याशित रहा। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले ही सीरीज में 1-0 से पिछड़ रहा है।
दूसरे दिन की चुनौती
दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को और मजबूत करने की जिम्मेदारी कैमरन ग्रीन के कंधों पर होगी। यदि ग्रीन जल्दी आउट हुए, तो बांग्लादेश के पास मैच में वापसी का मौका बन सकता है। दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों ने पहले दिन ही यह संकेत दे दिया है कि यह टेस्ट बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा।