भारत-ए ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ तीसरे अनौपचारिक वनडे में 275 पर ऑलआउट, सूर्यांश शेडगे की 66 रनों की पारी ने पारी संभाली
सारांश
मुख्य बातें
पुडुचेरी के क्रिकेट एसोसिएशन सीचेम ग्राउंड पर 11 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे तीसरे अनौपचारिक वनडे में भारत-ए की पूरी टीम 47.3 ओवर में 275 रन बनाकर आउट हो गई। पारी के बीच में 6 विकेट 159 रन पर गिरने के बाद सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम की महत्वपूर्ण साझेदारी ने टीम को संकट से उबारा।
शुरुआत: प्रियांश-प्रभसिमरन की तेज़तर्रार ओपनिंग साझेदारी
ऑस्ट्रेलिया-ए ने टॉस जीतकर भारत-ए को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। ओपनर प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 83 रन जोड़कर टीम को मज़बूत शुरुआत दिलाई। प्रभसिमरन 34 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 39 रन बनाकर पवेलियन लौटे। प्रियांश आर्या अर्धशतक से महज एक रन दूर रहते हुए 45 गेंदों में 3 चौके और 2 छक्के लगाकर 49 रन पर आउट हो गए।
मध्यक्रम लड़खड़ाया: गायकवाड़ और पाटीदार का निराशाजनक प्रदर्शन
ओपनिंग साझेदारी के बाद भारत-ए का मध्यक्रम दबाव में आ गया। देवदत्त पडिक्कल महज 2 रन बनाकर जल्दी लौट गए। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 57 गेंदों में 33 रन बनाने के बाद मिचेल ओवेन का शिकार बने और अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे। पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले रजत पाटीदार इस बार केवल 3 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए, जबकि निशांत सिंधु भी 5 रन पर ही सिमट गए। इस तरह स्कोर 159/6 पर पहुँचते-पहुँचते भारत-ए गहरे संकट में दिख रही थी।
सूर्यांश-विपराज की महत्वपूर्ण साझेदारी ने पारी बचाई
पारी को डूबने से बचाने के लिए सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने मोर्चा संभाला। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 77 गेंदों में 85 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। विपराज 44 गेंदों में 6 चौकों के साथ 40 रन बनाकर आउट हुए। सूर्यांश शेडगे अच्छी लय में बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा करने में सफल रहे और 60 गेंदों में 66 रन बनाए, जिसके बाद वह विल सदरलैंड की गेंद पर निखिल चौधरी को कैच देकर पवेलियन लौटे। अनुकूल रॉय 11 गेंदों में 13 रन बनाकर नाबाद रहे।
ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाज़ों का प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलिया-ए की ओर से विल सदरलैंड ने 8 ओवर में 44 रन देकर 3 विकेट लिए। बेन ड्वार्शुइस ने 8.3 ओवर में 38 रन देकर 3 विकेट झटके। लियाम स्कॉट ने 26 रन देकर 2 विकेट निकाले। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों ने मिलकर भारतीय मध्यक्रम पर लगातार दबाव बनाए रखा, जो पारी के शुरुआती ओवरों की रफ्तार को संभाल नहीं पाया।
आगे क्या होगा
अब ऑस्ट्रेलिया-ए की पारी शुरू होनी है और उसके सामने 276 रनों का लक्ष्य होगा। पुडुचेरी की इस पिच पर जहाँ शुरुआत में बल्लेबाज़ों को मदद मिली, भारत-ए के गेंदबाज़ों को ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर शुरू से ही दबाव बनाना होगा। यह मैच भारतीय सीनियर टीम की चयन प्रक्रिया के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भविष्य के खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करने का मौका पा रहे हैं।