सूर्यांश शेडगे का इंटरनेशनल करियर लंबा होगा, आयरलैंड-इंग्लैंड की परिस्थितियां आएंगी रास: जतिन परांजपे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम में पहली बार चुने गए सूर्यांश शेडगे के बारे में पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और पूर्व क्रिकेटर जतिन परांजपे ने भरोसा जताया है कि यह युवा ऑलराउंडर अगले 10 वर्षों तक भारत के लिए खेलने में सक्षम है। नीतीश कुमार रेड्डी के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 टीम से बाहर होने के बाद शेडगे को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। परांजपे पिछले दो वर्षों से मुंबई के वासु परांजपे क्रिकेट सेंटर में शेडगे को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
परांजपे की राय: क्यों आएंगी ये परिस्थितियां रास
परांजपे ने कहा, "आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा सूर्यांश जैसे ऑलराउंडर के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। वहां गेंद हवा में और पिच से कुछ मूव करेगी। बल्लेबाजी के नजरिए से भी मुझे लगता है कि उन्हें ये परिस्थितियां पसंद आएंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करता है, तो पदार्पण की जगह का महत्व बहुत अधिक होता है।
परांजपे ने यह भी स्वीकार किया कि शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बढ़े हुए दबाव और गति के साथ तालमेल बिठाने में शुरुआती तीन-चार मैच लग सकते हैं। उनके अनुसार, "वह एक स्वाभाविक टी20 खिलाड़ी हैं और यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा। आईपीएल की तुलना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दबाव और तेजी अधिक होती है।"
शेडगे का हालिया प्रदर्शन
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए शेडगे ने 7 पारियों में 39.50 की औसत और 175.55 के स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंका के दांबुला में इंडिया ए की 50 ओवरों की त्रिकोणीय श्रृंखला में भी उन्होंने 5 पारियों में 120.49 के स्ट्राइक रेट से 147 रन बनाए और 23 ओवर गेंदबाजी भी की।
गौरतलब है कि 2024-25 सत्र में शेडगे ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। परांजपे के अनुसार, शेडगे पहले से ही मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, इसलिए उनका काम खिलाड़ी को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि उसके खेल को और निखारना था।
मानसिक तैयारी और कोचिंग का तरीका
परांजपे ने बताया कि शेडगे के साथ काम का बड़ा हिस्सा मानसिक पहलुओं पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा, "वह बहुत काबिल खिलाड़ी हैं और आपको बस उन्हें मानसिक तौर पर थोड़ा आराम देने और यह बताने की जरूरत है कि आप उन पर उतना ही विश्वास करते हैं जितना वे खुद पर करते हैं।" उन्होंने अपने स्वयं के क्रिकेट करियर के अनुभव भी शेडगे के साथ साझा किए।
तकनीकी स्तर पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कुछ पहलुओं पर काम किया गया। परांजपे ने खुलासा किया, "हमने उनके बैट के फ्लो को थोड़ा और सहज बनाया और हर गेंद का सामना करते समय उनकी 'सेल्फ-टॉक' को लगातार सरल बनाए रखने पर जोर दिया। दुनिया के सभी महान खिलाड़ी चीजों को सरल रखते हैं।"
कप्तानी और टीम माहौल
श्रेयस अय्यर टी20 टीम और शुभमन गिल वनडे टीम की कमान संभाल रहे हैं। परांजपे को उम्मीद है कि यदि शेडगे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते हैं, तो गिल उनका अच्छा मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, "शुभमन एक युवा कप्तान हैं और उनमें काफी हमदर्दी है। एक युवा खिलाड़ी होने के नाते वह शुरुआती मैचों की घबराहट, तनाव और उत्साह को अच्छी तरह समझते हैं।"
भविष्य में इंग्लैंड दौरे के दौरान शेडगे को वनडे टीम में मौका मिलने की संभावना के बारे में परांजपे ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें टीम में शामिल कर सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला चयनकर्ताओं पर ही निर्भर करेगा।
परिवार का त्याग और आगे की राह
परांजपे ने शेडगे के माता-पिता प्रशांत और प्रियदर्शिनी के योगदान को भी रेखांकित किया। दोनों ने अपने बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी बैंकिंग नौकरियां छोड़ दी थीं। परांजपे के अनुसार, एक कोच के रूप में खिलाड़ी के सपोर्ट सिस्टम को समझना और उसे मजबूत बनाना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है।
परांजपे ने शेडगे के स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि वह मिले हर अवसर के लिए बेहद आभारी रहते हैं और उन्होंने इस भावना को अच्छी तरह आत्मसात किया है। आने वाले समय में शेडगे के लिए कई दिलचस्प मौके और चुनौतियां होंगी।