टी20 विश्व कप 2026 के हीरो आईपीएल में फ्लॉप: सूर्यकुमार, बुमराह, हार्दिक की फॉर्म ने बढ़ाई फ्रेंचाइजियों की चिंता
सारांश
मुख्य बातें
भारत को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब दिलाने वाले स्टार खिलाड़ी आईपीएल 2026 में गहरे फॉर्म संकट से जूझ रहे हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव से लेकर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तक — विश्व चैंपियन टीम के कई अहम खिलाड़ी इस सीजन अपनी फ्रेंचाइजियों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आईपीएल के प्लेऑफ दौर नज़दीक हैं और फ्रेंचाइजियाँ अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से सर्वोत्तम प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं।
सूर्यकुमार यादव: कप्तान का बल्ला खामोश
भारत को टी20 विश्व कप की ट्रॉफी दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव आईपीएल 2026 में रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए सूर्यकुमार 11 मुकाबलों में केवल 195 रन ही बना सके हैं और इस पूरे सीजन में उनके बल्ले से महज एक अर्धशतक निकला है। गौरतलब है कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं, लेकिन इस सीजन उनका वह रूप लगभग गायब रहा है।
हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह: मुंबई की दोहरी मार
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए आईपीएल 2026 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। 8 मुकाबलों में 136 के स्ट्राइक रेट से 146 रन और गेंदबाजी में केवल 4 विकेट — यह आँकड़े एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी अपेक्षित भूमिका से काफी कम हैं। उनकी कप्तानी के फैसले भी आलोचकों के निशाने पर रहे हैं।
वहीं, टी20 विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड को घुटने पर लाने वाले जसप्रीत बुमराह आईपीएल 2026 में सबसे अधिक निराशाजनक रहे हैं। 11 मुकाबलों में केवल 3 विकेट और 8.51 की इकोनॉमी — यह आँकड़े दुनिया के नंबर एक गेंदबाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। मुंबई इंडियंस के लिए सूर्यकुमार, हार्दिक और बुमराह — तीनों की एक साथ खराब फॉर्म टीम के प्रदर्शन पर भारी पड़ी है।
शिवम दुबे, तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का संघर्ष
टी20 विश्व कप में बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिवम दुबे भी आईपीएल 2026 में लय नहीं पकड़ पाए। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से 10 मुकाबलों में 165 रन और एक भी अर्धशतक नहीं — यह उनके विश्व कप प्रदर्शन से बिल्कुल उलट तस्वीर है। गेंदबाजी में भी वह केवल 1 विकेट ले सके।
मुंबई इंडियंस के तिलक वर्मा ने इस सीजन एक शतक जरूर लगाया, लेकिन शेष 10 पारियों में वह केवल 160 रन ही जोड़ सके। प्रदर्शन में निरंतरता की कमी उनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी रही। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल 12 मुकाबलों में 112 के स्ट्राइक रेट से केवल 100 रन बना पाए, हालाँकि गेंदबाजी में उन्होंने 10 विकेट लेकर कुछ राहत दी।
अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव की इकोनॉमी बनी समस्या
पंजाब किंग्स के अर्शदीप सिंह ने 11 मुकाबलों में 13 विकेट लिए, लेकिन 9.92 की इकोनॉमी ने उनकी उपयोगिता पर सवाल खड़े किए। उल्लेखनीय है कि टी20 विश्व कप 2026 में भी अर्शदीप कुछ खास लय में नहीं दिखे थे। दिल्ली कैपिटल्स के कुलदीप यादव — जो सामान्यतः बल्लेबाजों के लिए अबूझ पहेली माने जाते हैं — इस सीजन 11 मुकाबलों में केवल 7 विकेट ले सके और उनकी इकोनॉमी 10.66 रही, जो उनके स्तर के गेंदबाज के लिए असाधारण रूप से महंगी है।
फ्रेंचाइजियों और चयनकर्ताओं के लिए आगे क्या
यह एक साथ इतने विश्व विजेता खिलाड़ियों की फॉर्म का लड़खड़ाना फ्रेंचाइजियों के लिए तात्कालिक चिंता का विषय है। आलोचकों का कहना है कि विश्व कप के तुरंत बाद लंबे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक थकान का असर पड़ना स्वाभाविक है। आगे प्लेऑफ मुकाबलों में इन खिलाड़ियों की वापसी न केवल उनकी अपनी फ्रेंचाइजियों के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दृष्टि से भी अहम होगी।