क्या टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का भविष्य सुरक्षित है?
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेना विवादित है।
- आईसीसी ने बांग्लादेश भेजा डेलीगेशन।
- बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से किया मना।
- बातचीत जारी है।
- 7 फरवरी से शुरू होगा महाकुंभ।
ढाका, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी से जुड़े गतिरोध को सुलझाने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) एक डेलीगेशन बांग्लादेश भेजने की योजना बना रहा है। टी20 फॉर्मेट के इस महाकुंभ का आगाज 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होगा।
आईसीसी के सूत्रों ने 'राष्ट्र प्रेस' को जानकारी दी है कि डेलीगेशन कुछ ही दिनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग करेगा।
ई-मेल और वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालने के पहले के प्रयास सफल नहीं हुए थे। इसलिए, आईसीसी अधिकारियों की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सूत्रों ने कहा, "आईसीसी डेलीगेशन कुछ दिनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अधिकारियों के साथ अंतिम बार आमने-सामने की मीटिंग के लिए बांग्लादेश जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।"
यह ध्यान देने योग्य है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और वहां के खेल मंत्रालय ने भारत में कोई भी मैच न खेलने का कड़ा रुख अपनाया है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने का अनुरोध किया था।
'द डेली स्टार' के अनुसार, खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा, "नवीनतम अपडेट के अनुसार, अमीनुल इस्लाम ने मुझे बताया कि आईसीसी की एक टीम बातचीत के लिए बांग्लादेश आ सकती है। हमारे रुख में बदलाव की कोई संभावना नहीं है। हम वर्ल्ड कप में खेलने के लिए उत्सुक हैं, विशेषकर श्रीलंका में। मुझे पूरा विश्वास है कि इसे आयोजित करना असंभव नहीं है।"
बांग्लादेश को भारत में तीन मैच खेलने हैं। यह टीम 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में मुकाबले खेलेगी। इसके बाद उसे नेपाल के खिलाफ 17 फरवरी को मुंबई में मैच खेलना है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की मांग है कि उसकी टीम के विश्व कप मुकाबले भारत से बाहर आयोजित किए जाएं, लेकिन आईसीसी ने बताया है कि टूर्नामेंट का शेड्यूल पहले ही फाइनल हो चुका है। साथ ही, आईसीसी ने बीसीबी से अपने रुख पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने रुख पर अडिग है। दोनों पक्ष एक संभावित समाधान खोजने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।