तन्मय बलोदा का यूथ टेस्ट में धमाका: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 14 विकेट, भारत की 10 विकेट से जीत
सारांश
मुख्य बातें
बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर तन्मय बलोदा ने 7 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए अनाधिकारिक यूथ टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में 14 विकेट की कहर बरपाती गेंदबाज़ी से ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 को पस्त कर दिया और भारत को 10 विकेट की शानदार जीत दिलाई। महज एक प्रतिस्थापन खिलाड़ी के रूप में प्लेइंग इलेवन में जगह पाने वाले इस 19 वर्षीय हरियाणवी गेंदबाज़ ने चयनकर्ताओं का भरोसा सही साबित कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में केवल 174 रन पर सिमट गई। तन्मय ने इस पारी में 25 ओवर फेंके — जिसमें 11 मेडन ओवर शामिल रहे — और मात्र 32 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 315 रन बनाकर 141 रन की बढ़त हासिल की।
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया 151 रन पर ढेर हो गई। तन्मय ने 19.5 ओवर में सिर्फ 41 रन देकर 8 विकेट झटके — जो किसी भी पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत को जीत के लिए केवल 11 रन का लक्ष्य मिला, जिसे उसने महज पाँच गेंदों में हासिल कर लिया।
कौन हैं तन्मय बलोदा
9 अगस्त 2008 को पलवल, हरियाणा में जन्मे तन्मय बलोदा भारत की अंडर-19 टीम में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ और दाएं हाथ के बल्लेबाज़ के रूप में खेलते हैं। रोहतक से ताल्लुक रखने वाले इस खिलाड़ी की पहचान उनके सटीक पिवट और नॉन-बॉलिंग हैंड के शानदार उपयोग से है, जो बल्लेबाज़ों को भ्रमित करने में माहिर है।
दिलचस्प बात यह है कि तन्मय ने अपने करियर की शुरुआत एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में की थी। हरियाणा के लिए अंडर-16 ज़िला स्तर पर तेज़ गेंदबाज़ी करते हुए, एक टूर्नामेंट में उन्होंने प्रयोग के तौर पर स्पिन फेंकी और ज़बरदस्त सफलता मिली — उसके बाद से उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी हमेशा के लिए छोड़ दी।
प्रथम श्रेणी करियर और रणजी प्रदर्शन
तन्मय के प्रथम श्रेणी करियर में अब तक 2 मैच शामिल हैं, जिनमें उन्होंने 10 विकेट लिए और 40 रन बनाए हैं। इसी साल जनवरी में रणजी ट्रॉफी में असम के खिलाफ उन्होंने 6 विकेट और 15 रन का योगदान दिया। इसके बाद बंगाल के विरुद्ध उन्होंने 5 विकेट और 12* तथा 13 रन की पारियां खेलीं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की जूनियर क्रिकेट व्यवस्था अगली पीढ़ी के स्पिनर तैयार कर रही है। तन्मय का उभरना उस प्रक्रिया की एक ताज़ा और उत्साहजनक कड़ी है।
टीम में कैसे मिली जगह
तन्मय को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ टेस्ट में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। रोहित यादव को उम्र से जुड़ी अनियमितताओं के कारण टीम से बाहर किया गया, जिसके बाद तन्मय को मौका मिला — और उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथों से लपक लिया।
क्या होगा आगे
क्रिकेट के प्रति तन्मय का जुनून ऐसा रहा कि उन्होंने 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई की जगह खेल को प्राथमिकता दी — और परिवार ने भी उनके इस निर्णय में पूरा साथ दिया। अब तन्मय की नज़रें अंडर-23 और सीनियर स्तर पर खेलने पर टिकी हैं। इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़र उन पर होना स्वाभाविक है।