तेजल हसबनीस बोलीं — मिडिल ऑर्डर में स्पष्टता और माइंडसेट ही है मेरी असली ताकत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेटर तेजल हसबनीस ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में कहा कि अलग-अलग मैच परिस्थितियों के लिए की गई ठोस तैयारी ही उनके हालिया शानदार प्रदर्शन की बुनियाद है। उनका मानना है कि यही तैयारी उन्हें मिडिल ऑर्डर में उतरते वक्त वह मानसिक स्पष्टता देती है, जो बड़ी पारियों के लिए जरूरी होती है।
मोहाली में दो अर्धशतक, फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी
तेजल हसबनीस ने हाल ही में मोहाली में ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ 50 ओवरों की सीरीज में भारत 'ए' के लिए लगातार दो अर्धशतक — 81 और 60 रन — जड़े, जिससे टीम ने वह सीरीज 2-1 से अपने नाम की। इसी प्रदर्शन ने उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज के लिए बीसीए स्टेडियम, वडोदरा में भारतीय महिला टीम में जगह दिलाई।
दाएं हाथ की इस बल्लेबाज का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला टीम अपने मिडिल ऑर्डर को लंबे समय से मजबूत करने की कोशिश में है। तेजल की लगातार अर्धशतकीय पारियों ने चयनकर्ताओं को एक स्थिर विकल्प दिया है।
तैयारी और स्पष्टता का फॉर्मूला
ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में तेजल ने कहा, 'सच कहूं तो, मुझे लगता है कि एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर तैयारी बहुत अहम है, क्योंकि मैं खुद को अलग-अलग तरह की स्थितियों में ढालने की कोशिश करती हूं। मैं अलग-अलग पहलुओं पर काफी अभ्यास करती हूं — जैसे मुझे किन क्षेत्रों को निशाना बनाना है या मुझे किस तरह की पारी आगे बढ़ानी है।'
उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'जब मैं मैच खेल रही होती हूं, तो मैं बस पूरी स्पष्टता रखने की कोशिश करती हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि स्पष्टता से बेहतर नतीजे मिलते हैं। अच्छी तैयारी से चीजें स्पष्ट हो जाती हैं और स्पष्टता से बेहतर परिणाम मिलते हैं।'
स्कोरबोर्ड पर नजर, गेंदबाजों से एक कदम आगे
ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ अपनी पारियों के बारे में बात करते हुए तेजल ने कहा कि वर्तमान स्थिति पर केंद्रित रहना और स्कोरबोर्ड को लगातार पढ़ते रहना उनके लिए सबसे कारगर रणनीति रही। उन्होंने कहा, 'मैं बस वर्तमान स्थिति पर ध्यान दे रही थी, स्कोरबोर्ड को देख रही थी और उसी के हिसाब से खुद को ढाल रही थी। तकनीकी रूप से भी मैं उनसे एक कदम आगे रहने की कोशिश कर रही थी और यह काम कर गया।'
माइंडसेट और आत्मविश्वास — दो गियर की बल्लेबाज
जब तेजल से पूछा गया कि उनकी तैयारी में मानसिक पहलू ज्यादा था या तकनीकी, तो उन्होंने 'खुद पर भरोसे' को सबसे बड़ा हथियार बताया। तेजल ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह सब बस माइंडसेट की बात है। मुझे पता है कि मेरे पास दोनों तरह के गियर हैं — जब भी टीम को जरूरत हो, मैं आक्रामक रुख अपना सकती हूं, और अगर स्थिति वैसी हो, तो मैं स्ट्राइक रोटेट करने में भी माहिर हूं।'
उन्होंने जोड़ा कि खुद पर भरोसा रखने और स्कोरबोर्ड के हिसाब से खेलने की यह क्षमता ही उन्हें एक बहुउपयोगी मिडिल ऑर्डर विकल्प बनाती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में उनके प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह सीरीज आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले भारतीय महिला टीम के लिए एक परीक्षण मंच है।