शेफाली वर्मा का ऑस्ट्रेलिया से पहले बड़ा मंत्र: '145 रन बनाए, पर चीजें आसान रखीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 4 मैचों में 36.25 की औसत से 145 रन बनाए हैं, जिनमें दो अर्धशतकीय पारियाँ भी शामिल हैं। 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध निर्णायक ग्रुप-स्टेज मुकाबले से पहले शेफाली ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद मानसिक बदलाव ने उनकी बल्लेबाजी को नई उड़ान दी है।
मानसिक बदलाव: ओवर-थिंकिंग से मुक्ति
शेफाली ने जियोस्टार से बातचीत में स्वीकार किया कि टूर्नामेंट की शुरुआत में अत्यधिक योजनाबद्धता उनके खेल को बाधित कर रही थी। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले, मैं बहुत ज्यादा सोच रही थी — पहली गेंद कैसे खेलूंगी, दूसरी गेंद पर कौन-सा शॉट खेलूंगी। लेकिन उस मैच के बाद मुझे एहसास हुआ कि मुझे चीजों को मुश्किल बनाने की जरूरत नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत को सेमीफाइनल सुनिश्चित करने के लिए 28 जून का मैच हर हाल में जीतना होगा।
बल्लेबाजी का नया फलसफा
शेफाली ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी सीख यह रही कि कब आक्रामकता को थामना है और पारी को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना है। उन्होंने कहा, 'अगर शॉट्स ठीक से नहीं लग रहे, तो मैं जबरदस्ती नहीं करती — सिंगल्स लेकर स्कोरबोर्ड चलाती रहती हूं। गेंद हिटिंग जोन में हो तो शॉट खेलती हूं, वर्ना अच्छी गेंदों का सम्मान करती हूं।' यह परिपक्वता उनके करियर के विकास का प्रतिबिंब है — एक ऐसी बल्लेबाज जो पहले केवल आक्रामकता के लिए जानी जाती थी, अब संयम और विस्फोट का संतुलन साध रही है।
गेंदबाजी की भूमिका और कप्तान का भरोसा
ओपनिंग बल्लेबाजी के अलावा, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शेफाली की गेंदबाजी भूमिका स्पष्ट रूप से तय कर दी है। शेफाली ने बताया, 'हरमन दी ने मुझे बताया कि पावर-प्ले में गेंदबाजी करनी होगी। मैं नेट्स में भी उस पर काम करती हूं — नई गेंद से, सही लाइन-लेंथ पर और स्टंप्स के आस-पास।' गौरतलब है कि एक ओपनर के रूप में वे जानती हैं कि स्टंप्स के बाहर गेंदबाजी बल्लेबाज को रन बनाने का अवसर देती है, इसलिए वे ओपनर की मानसिकता से ही गेंद करती हैं।
ऑस्ट्रेलिया चुनौती और भारत का आत्मविश्वास
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस वर्ल्ड कप में अपने सभी 4 शुरुआती मैच जीतकर ग्रुप-ए में शीर्ष पर है, जबकि भारत 3 जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। शेफाली ने प्रतिद्वंद्वी की ताकत स्वीकार करते हुए कहा, 'हर कोई जानता है कि ऑस्ट्रेलिया एक विश्व-स्तरीय टीम है, लेकिन हमने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज के दौरान उन्हें मात दी थी। इससे हमें आत्मविश्वास मिलता है।' छह बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह हालिया जीत भारतीय टीम के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ है।
ग्रुप-ए की स्थिति और आगे की राह
ग्रुप-ए में पाकिस्तान और नीदरलैंड खिताबी दौड़ से बाहर हो चुके हैं, जबकि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश अभी भी सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए हुए हैं। भारत के लिए 28 जून का ऑस्ट्रेलिया मैच सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने का सबसे सीधा रास्ता है। शेफाली का संदेश टीम के लिए भी उतना ही स्पष्ट है — जितना कम सोचो, उतना बेहतर खेलो।