शेफाली वर्मा बोलीं — बांग्लादेश के खिलाफ 'करो या मरो' मैच से पहले टीम तैयार, पिछले साल भी ऐसे दबाव से निकले थे बाहर
सारांश
मुख्य बातें
महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए 25 जून 2026 का मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। टूर्नामेंट के 23वें मैच में बांग्लादेश के खिलाफ उतरने से पहले सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि टीम इस दबाव से पहले भी गुज़र चुकी है और इस बार भी वही जज़्बा कायम है। सेमीफाइनल की राह बनाए रखने के लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत को अब अगले दोनों मैच जीतने अनिवार्य हैं।
शेफाली वर्मा का बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेफाली वर्मा ने कहा, 'कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हडल के दौरान खिलाड़ियों को याद दिलाया कि टीम पहले भी ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर चुकी है। उन्होंने हम सभी से कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हम ऐसी स्थिति में हैं। पिछले साल भी हम इसी तरह के दबाव में थे और उससे सफलतापूर्वक बाहर निकले थे। ऐसे में मुझे लगता है कि मुश्किल स्थिति वो है, जिसका सामना आप अपनी जिंदगी में पहली बार कर रहे हों।'
शेफाली ने आगे जोड़ा, 'हमने वनडे क्रिकेट में भी ऐसी परिस्थिति को स्वीकार किया था और अंत में जीत हासिल की थी। हमें पता है कि अब आगे बढ़ने के लिए दोनों मैच जीतने होंगे। इसके लिए हमें बेहतर तैयारी करनी होगी और खिलाड़ियों के रूप में एक-दूसरे का समर्थन करते हुए सही बातचीत बनाए रखनी होगी। इस बार हम देखेंगे कि पिछली दफा हम इस तरह की स्थिति से कैसे बाहर निकले थे। टीम की हर खिलाड़ी इस चुनौती के लिए तैयार है।'
अंक तालिका की स्थिति
तीन मैचों के बाद भारतीय टीम के खाते में 4 अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने सेमीफाइनल की राह को पेचीदा बना दिया है। फिलहाल भारत ग्रुप एक की अंक तालिका में बेहतर नेट रन रेट के दम पर दूसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका तीसरे स्थान पर काबिज़ है।
सेमीफाइनल का समीकरण
सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारत को बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया — दोनों के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। यही नहीं, इन दोनों जीत के बावजूद टीम को दक्षिण अफ्रीका से नेट रन रेट के मोर्चे पर भी आगे बने रहना होगा। गौरतलब है कि यह वही परिदृश्य है जिसका सामना भारत ने पिछले साल वनडे विश्व कप में किया था, जहाँ से टीम सफलतापूर्वक वापस आई थी।
आगे का रास्ता
भारतीय टीम के लिए यह मैच महज़ एक जीत का सवाल नहीं, बल्कि जीत के अंतर का भी सवाल है। नेट रन रेट की बाधा को देखते हुए टीम को बड़े अंतर से जीत की दरकार होगी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत की नज़रें अब सेमीफाइनल की उस राह पर टिकी हैं जो बांग्लादेश को हराए बिना नहीं खुलेगी।