क्या द ग्रेट खली ने कभी जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे?

सारांश
Key Takeaways
- द ग्रेट खली का संघर्ष प्रेरणादायक है।
- उन्होंने गरीबी को पार कर सफलता हासिल की।
- खली ने डब्ल्यूडब्ल्यूई में भारत का नाम रोशन किया।
- सरकारी नौकरी से लेकर रेसलिंग तक का सफर प्रेरणा देता है।
- खली का जीवन जज्बे और मेहनत का प्रतीक है।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दलीप सिंह राणा उर्फ 'द ग्रेट खली' एक प्रमुख भारतीय पहलवान और डब्ल्यूडब्ल्यूई सुपरस्टार हैं। अपने विशाल कद और अद्भुत ताकत के लिए मशहूर खली ऐसे पहले भारतीय पहलवान बने, जिन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश में जन्मे दलीप सिंह राणा का बचपन कठिनाइयों में बीता। उनके परिवार में इतना धन नहीं था कि उन्हें शिक्षा दी जा सके, जिसके कारण उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया। तभी से दलीप ने ठान लिया कि वह एक दिन इतनी दौलत कमाएंगे कि किसी की मदद की जरूरत न पड़े।
उस समय खली के लिए आगे की पढ़ाई जारी रखना संभव नहीं था। उन्हें अपने भाइयों के साथ मिलकर घर का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ी।
उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि उनके पास पहनने के लिए जूते भी नहीं थे। खली नंगे पांव ही काम करते थे। महज 8 साल की उम्र में उन्होंने 5 रुपये कमाने के लिए दिनभर मेहनत की।
कुछ वर्षों बाद, खली ने शिमला में एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में नौकरी शुरू की। पंजाब के एक पुलिस अधिकारी ने 7 फीट 1 इंच लंबे खली को देखा और उनकी कद-काठी से प्रभावित होकर उन्हें 1993 में पंजाब पुलिस में भर्ती कर लिया।
सरकारी नौकरी मिलने के बाद, खली को पैसे की कमी का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने बॉडी बिल्डिंग शुरू की और जल्द ही उन्हें अमेरिका बुलाया गया।
द ग्रेट खली 2006 में डब्ल्यूडब्ल्यूई का हिस्सा बने और एक वर्ष के भीतर ही वे वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बन गए। डब्ल्यूडब्ल्यूई के इतिहास में यह खिताब जीतने वाले वे पहले भारतीय थे।
डब्ल्यूडब्ल्यूई में खली ने जॉन सीना, अंडरटेकर, ट्रिपल एच, बिग शो और बटिस्टा जैसे दिग्गजों को चुनौती दी। उन्होंने रेसलमेनिया और समरस्लैम जैसे इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया। 2014 तक डब्ल्यूडब्ल्यूई में बने रहने के बाद, उन्हें रिलीज कर दिया गया।
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में काम कर चुके द ग्रेट खली रियलिटी शो बिग बॉस सीजन 4 के फाइनलिस्ट भी रह चुके हैं।