3 अक्टूबर 2026
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तिलक वर्मा का गोल्ड मेडल: 'तिरंगा थामना ICC खिताब से बिल्कुल अलग एहसास', जीत माँ-पिता को समर्पित

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तिलक वर्मा का गोल्ड मेडल: 'तिरंगा थामना ICC खिताब से बिल्कुल अलग एहसास', जीत माँ-पिता को समर्पित

सारांश

पाकिस्तान को 19 रन से हराकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड जीतने वाले तिलक वर्मा ने कहा — तिरंगा थामना ICC खिताब से बिल्कुल अलग एहसास है। दुबे संग 62 रनों की साझेदारी से संभाली पारी, और यह पदक माँ-पिता को समर्पित।

मुख्य बातें

भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष टी20 फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल 3 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला गया।
तिलक वर्मा और शिवम दुबे (27 रन) की 62 रनों की साझेदारी ने भारत को 200 रनों के पार पहुंचाया।
तिलक ने कहा — पोडियम पर तिरंगा थामने का एहसास ICC खिताब से बिल्कुल अलग है।
यह तिलक वर्मा का एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक है।
तिलक ने यह पदक भारत और अपने माँ-पिताजी को समर्पित किया।

भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष टी20 फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में शनिवार, 3 अक्टूबर को खेले गए इस खिताबी मुकाबले में अहम पारी खेलने वाले तिलक वर्मा ने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का यह एहसास अविश्वसनीय है और उन्होंने यह पदक भारत तथा अपने माता-पिता को समर्पित किया है।

तिलक वर्मा की प्रतिक्रिया: 'शब्दों में बयां नहीं कर सकते'

मैच के बाद तिलक वर्मा ने कहा, 'जाहिर है कि बहुत गर्व है कि हमने अपने देश के लिए एक और गोल्ड मेडल जीता है और अभी यह एहसास अविश्वसनीय लग रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि एशियन गेम्स की अनुभूति चैंपियंस ट्रॉफी या वर्ल्ड कप जैसे आईसीसी टूर्नामेंट से बिल्कुल अलग है।

वर्मा ने आगे कहा, 'झंडा थामने और गोल्ड मेडल पाने का यह एहसास बिल्कुल अलग है, जिसे हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे यह दूसरी बार मिला है और मैं इसके लिए सच में शुक्रगुजार हूं।' यह उनका एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक है, जो उनके करियर की एक विशेष उपलब्धि है।

हाई-प्रेशर फाइनल में दुबे संग 62 रनों की साझेदारी

भारत के शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने मिलकर 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने भारतीय पारी को संभाला और टीम को 200 रनों के पार पहुंचाया। दुबे ने इस साझेदारी में 27 रन का योगदान दिया।

तिलक ने बताया, 'यह एक बड़ा मंच है, पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल खेलना है, तो घबराहट तो होगी ही। मगर साथ ही, हमारे पास दबाव को संभालने का काफी अनुभव है।' उन्होंने कहा कि जब कप्तान श्रेयस अय्यर आउट हुए, तब उन्होंने खुद को वर्तमान पल में रखते हुए केवल टीम के हित में सोचा।

मैच की रणनीति: 'अगले दो ओवर विकेट नहीं खोना था'

तिलक ने फाइनल की रणनीति के बारे में खुलासा किया, 'शुरुआती दो ओवरों में बस स्ट्राइक रोटेट करना था, क्योंकि हम वहां और विकेट नहीं खो सकते थे।' उन्होंने शिवम दुबे के साथ यही योजना साझा की थी — पहले टिकना, फिर आक्रमण करना।

वर्मा ने कहा, 'मैं शिवम दुबे से यही बात कर रहा था कि बस एक-दो ओवर खेलो, उसके बाद तो हम तेजी से रन बना ही लेंगे और हमारे पास अच्छे शॉट्स हैं।' यह रणनीति काम आई और भारत ने बोर्ड पर पर्याप्त रन खड़े किए, जो अंततः जीत की नींव बने।

परिवार को समर्पण: 'माँ और पिताजी हमेशा साथ रहे'

व्यक्तिगत स्तर पर तिलक वर्मा ने गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'यह मेडल देश को, भारत को समर्पित होगा। हालांकि, परिवार मेरे लिए बहुत अहम है और वे हमेशा मेरे साथ रहे हैं, इसलिए मैं यह मेडल अपने परिवार — माँ और पिताजी — को भी समर्पित करना चाहता हूं।'

गौरतलब है कि यह जीत भारत के लिए एशियन गेम्स में क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहाँ पाकिस्तान को फाइनल में हराना विशेष महत्व रखता है। तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

देश के झंडे तले खेलना एक अलग प्रेरणा देता है — और यह भावना भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दे सकती है। साथ ही, पाकिस्तान को फाइनल में हराना रणनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जो घरेलू दर्शकों के लिए इस जीत की अनुगूंज को और गहरा बनाता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को कितने रन से हराया?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष टी20 फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया। यह मुकाबला 3 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला गया।
तिलक वर्मा ने फाइनल में कैसा प्रदर्शन किया?
तिलक वर्मा ने शिवम दुबे (27 रन) के साथ मिलकर 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने भारत को 200 रनों के पार पहुंचाया। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद यह साझेदारी भारतीय पारी के लिए निर्णायक साबित हुई।
तिलक वर्मा ने गोल्ड मेडल किसे समर्पित किया?
तिलक वर्मा ने यह गोल्ड मेडल भारत देश को और अपने माँ-पिताजी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि परिवार उनके लिए बहुत अहम है और वे हमेशा उनके साथ रहे हैं।
तिलक वर्मा के अनुसार एशियन गेम्स का गोल्ड ICC खिताब से अलग क्यों है?
तिलक वर्मा ने कहा कि पोडियम पर तिरंगा थामने और गोल्ड मेडल पाने का एहसास चैंपियंस ट्रॉफी या वर्ल्ड कप जैसे ICC टूर्नामेंट से बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार, देश के झंडे तले खेलने की अनुभूति को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
क्या यह तिलक वर्मा का एशियन गेम्स में पहला गोल्ड मेडल था?
नहीं, तिलक वर्मा के अनुसार यह उनका एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल है। उन्होंने खुद को खुशकिस्मत बताते हुए इसके लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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