एशियन गेम्स 2026 गोल्ड: VVS लक्ष्मण बोले — 'खिताब बचाना हम सबके लिए खास पल'
सारांश
मुख्य बातें
वीवीएस लक्ष्मण ने 5 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में भारत वापसी पर पत्रकारों से कहा कि एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक बचाना पूरी टीम के लिए एक अत्यंत विशेष उपलब्धि है। टूर्नामेंट में टीम इंडिया के हेड कोच की ज़िम्मेदारी निभाने वाले लक्ष्मण ने खिलाड़ियों की चैंपियन मानसिकता और दबाव में डटे रहने की क्षमता को इस सफलता का मूल आधार बताया।
फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरा स्वर्ण
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। लक्ष्मण ने कहा कि मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरकर खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करना इस उपलब्धि को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। गौरतलब है कि इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन पर दबाव और अपेक्षाएँ दोगुनी होती हैं।
कोच लक्ष्मण ने दिया खिलाड़ियों को पूरा श्रेय
लक्ष्मण ने कहा, 'गोल्ड मेडल बचाना हम सभी के लिए एक बहुत ही खास पल है।' उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए जोड़ा, 'टीम जिस तरह से खेली, उससे मैं बहुत खुश हूँ। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना बहुत गर्व की बात है। मुझे लगता है कि सभी ने अपनी क्षमता के अनुसार खेला।' भारत के पूर्व बल्लेबाज ने स्पष्ट किया कि मौसम और परिस्थितियों की चुनौतियों के बावजूद टीम ने कभी हार नहीं मानी।
चैंपियन मानसिकता और टैलेंट पूल पर ज़ोर
लक्ष्मण ने कहा, 'हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे पास इतने सारे काबिल और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिनका काम करने का तरीका बहुत अच्छा है और सबसे ज़रूरी बात यह है कि उनमें चैंपियन वाली सोच है।' उन्होंने खिलाड़ियों के टैलेंट पूल और उनकी कार्यसंस्कृति को मेगा इवेंट में मनचाहे नतीजे की असली वजह बताया।
दबाव में टीम का प्रदर्शन सबसे बड़ी ताकत
लक्ष्मण ने कहा, 'उन्हें खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगा। भले ही उन्हें मौसम या हालात से चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुझे लगता है कि वे डटकर खेले। खासकर जब वे दबाव में थे, तो उन्होंने हिम्मत बनाए रखी और देश के लिए मनचाहा नतीजा हासिल किया।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में टीम मैनेजमेंट की भूमिका पर ध्यान बढ़ता जा रहा है।
आगे क्या
एशियन गेम्स की इस जीत ने भारतीय क्रिकेट की गहराई और मल्टी-फॉर्मेट प्रबंधन क्षमता को एक बार फिर रेखांकित किया है। बीसीसीआई (BCCI) और टीम प्रबंधन के लिए अब अगली चुनौती इस सफलता की लय को आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगी।