क्या विदर्भ पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी के चैंपियन बनी?
सारांश
Key Takeaways
- विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती।
- फाइनल में सौराष्ट्र को 38 रन से हराया गया।
- अथर्व तायडे ने शतक बनाया।
- यश ठाकुर ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया।
- सौराष्ट्र तीसरी बार खिताब जीतने का मौका चूक गई।
बेंगलुरु, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। रविवार को बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में हुए फाइनल मुकाबले में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रन से हराया। जीत के लिए सौराष्ट्र को 318 रन की आवश्यकता थी, लेकिन टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर आउट हो गई।
सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अथर्व तायडे के शतक और यश राठौड़ के अर्धशतक की मदद से 8 विकेट के नुकसान पर 317 रन बनाए।
पारी की शुरुआत करते हुए अथर्व तायडे ने 118 गेंदों पर 3 छक्के और 15 चौके लगाते हुए 128 रन54 रन बनाए। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 133 रन की साझेदारी हुई। अमन मोखाड़े ने 33 और रविकुमार समर्थ ने 25 रन बनाए।
सौराष्ट्र के लिए अंकुर पंवार ने 4 विकेट लिए। चेतन सकारिया और चिराग जानी ने 2-2 विकेट लिए।
318 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सौराष्ट्र की पूरी टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर सिमट गई और 38 रन से खिताब जीतने का अवसर गंवा दिया। सौराष्ट्र के लिए प्रेरक मांकड़ ने 92 गेंदों पर 88 रन और चिराग जानी ने 63 गेंदों पर 64 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाजों की विफलता टीम की हार का कारण बनी।
विदर्भ के लिए यश ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 9.5 ओवर में 50 रन4 विकेट लिए। नचिकेत भूटे ने 3, दर्शन नालकंडे ने 2, और हर्ष दूबे ने 1 विकेट लिया।
सौराष्ट्र तीसरी बार खिताब जीतने का अवसर गंवा चुकी है। इससे पहले टीम 2007-2008 और 2022-23 में खिताब जीत चुकी है।