विराट कोहली का बड़ा बयान: 'वर्ल्ड कप 2027 मेरा आखिरी, भारत को जिताने के लिए सब कुछ दाँव पर'
सारांश
मुख्य बातें
विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 उनके करियर का अंतिम वनडे विश्व कप होगा — और यही संकल्प उन्हें सबसे गहरी प्रेरणा दे रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के आगाज से पहले जियोस्टार को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कोहली ने साउथ अफ्रीका में होने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर अपनी तैयारी, चुनौतियों और महत्वाकांक्षाओं को खुलकर साझा किया।
कोहली का संकल्प: 'सब कुछ झोंकने को तैयार'
कोहली ने कहा, 'मेरे लिए यह भारत के लिए खेलने वाला आखिरी वर्ल्ड कप होगा। यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। आप मैदान पर अपना सब कुछ देने की कोशिश करते हैं। जाहिर है कि लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना ही है और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूं।' इस बयान से स्पष्ट है कि 36 वर्षीय कोहली अपने करियर के इस पड़ाव पर व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर उठकर टीम को विश्व विजेता बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
50 ओवर के क्रिकेट की अनोखी चुनौती
कोहली ने वनडे विश्व कप की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए कहा, '50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी चीज से ज्यादा होती है। अब आपको ऐसे 10 मैच खेलने पड़ते हैं, जिनमें टी20 जैसा दबाव और गति होती है। एक तरह से आप एक दिन में ढाई टी20 मैच के बराबर क्रिकेट खेल रहे होते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि साउथ अफ्रीका की विदेशी परिस्थितियों में खेलना अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक तैयारी की माँग करता है।
विश्व कप में कोहली का अजेय रिकॉर्ड
वर्ल्ड कप के मंच पर विराट कोहली का प्रदर्शन असाधारण रहा है। उन्होंने वनडे विश्व कप में 37 मैचों में 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं और सर्वोच्च स्कोर 117 रन रहा है। संपूर्ण वनडे करियर में उन्होंने 302 पारियों में 58.59 की औसत से 14,941 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक, 79 अर्धशतक और 183 रन का सर्वोच्च स्कोर शामिल है, स्ट्राइक रेट 93.95 रहा है।
टी20 विश्व कप में भी उनका रिकॉर्ड उतना ही दमदार है — 35 मैचों में 58.73 की औसत से 1,292 रन और 15 अर्धशतक, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वाधिक हैं। उन्हें 2014 और 2016 में दो बार 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा जा चुका है।
रोहित शर्मा की दृष्टि: 'काम कभी पूरा नहीं होता'
भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भी अपनी मानसिकता साझा की। उन्होंने कहा, 'मेरे मन में कभी यह ख्याल नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेलते हैं, हमेशा कुछ न कुछ नया करने की उम्मीद रहती है।' रोहित ने यह भी कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट अपनी विशिष्ट चुनौती लेकर आते हैं, क्योंकि अलग-अलग टीमों और परिस्थितियों के विरुद्ध खेलने के लिए अलग किस्म की सोच और तैयारी की जरूरत होती है।
क्या होगा आगे
वर्ल्ड कप 2027 में करीब एक साल से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कोहली और रोहित जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के इस स्तर की मानसिक तैयारी यह संकेत देती है कि भारतीय टीम इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। गौरतलब है कि भारत ने 2011 के बाद से कोई वनडे विश्व कप नहीं जीता है और 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार का दर्द अभी भी ताजा है। कोहली का यह संकल्प उस पीड़ा को प्रेरणा में बदलने की कोशिश है।