2027 वनडे विश्व कप में कोहली-रोहित की मौजूदगी शुभमन गिल के लिए होगी संजीवनी: सुरेश रैना
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने 11 जून 2026 को कहा कि 2027 आईसीसी वनडे विश्व कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा की उपस्थिति युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए अमूल्य साबित होगी। रैना के अनुसार, बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव अक्सर निर्णायक भूमिका निभाता है और ये दोनों दिग्गज मुश्किल हालात में टीम को राह दिखाने में सक्षम हैं।
कोहली-रोहित का विश्व कप रिकॉर्ड
रोहित शर्मा ने 2019 आईसीसी वनडे विश्व कप में 9 मुकाबलों में 648 रन बनाए थे, जिसमें 5 शतक और 1 अर्धशतक शामिल थे। वह उस टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और एक ही विश्व कप संस्करण में पाँच शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
विराट कोहली ने 2023 वनडे विश्व कप में 11 पारियों में 765 रन बनाकर इतिहास रचा। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के एक संस्करण में सर्वाधिक रन (673 रन) के रिकॉर्ड को तोड़ा और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता।
टी20 और टेस्ट से संन्यास का असर
गौरतलब है कि कोहली और रोहित दोनों ने टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब केवल वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसका अर्थ है कि उनका पूरा ध्यान और ऊर्जा वनडे फॉर्मेट पर केंद्रित होगी, जो 2027 विश्व कप की तैयारी के लिहाज़ से भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
रैना ने क्या कहा
रैना ने जियोस्टार से बातचीत में कहा, "विराट कोहली के लिए शारीरिक और मानसिक तैयारी जरूरी होगी। वह सफेद गेंद की क्रिकेट में बहुत मजबूत दिखते हैं। यही बात रोहित शर्मा पर भी लागू होती है। दोनों आईसीसी वर्ल्ड कप में रन बनाने में माहिर हैं। रोहित 2019 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर थे, जबकि 2023 में विराट कोहली ने भी ऐसा ही किया था। उन्होंने आईसीसी ट्रॉफी भी जीती हैं, जो उनकी लीडरशिप और मौजूदगी को बहुत ज्यादा अहमियत देती है। वे जानते हैं कि नॉकआउट मैचों में दबाव कैसे झेलना है। वे वहां रहे हैं, ऐसा किया है।"
गिल की कप्तानी में अनुभव का महत्व
रैना ने आगे जोड़ा, "बड़े टूर्नामेंट में अनुभव मायने रखता है। उनके आस-पास के युवा बल्लेबाज को उनकी सलाह से फायदा होगा। शुभमन गिल के लिए वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करते हुए रोहित और विराट का उनके साथ होना एक बहुत बड़ा फायदा होगा। उनका अनुभव मैदान पर और मैदान के बाहर बहुत कीमती होगा। वर्ल्ड कप जैसे अधिक दबाव वाले टूर्नामेंट में इस तरह की मौजूदगी बहुत फर्क ला सकती है।"
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट एक पीढ़ीगत बदलाव के दौर से गुज़र रहा है — शुभमन गिल नई पीढ़ी का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि कोहली और रोहित अपने अंतिम विश्व कप अभियान की ओर बढ़ रहे हैं। यदि दोनों 2027 विश्व कप तक फिट रहते हैं, तो भारत की खिताबी दावेदारी और भी मज़बूत हो सकती है।