विश्वनाथ सुरेश ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में वर्ल्ड नंबर 1 को हराकर बनाई सेमीफाइनल में जगह
सारांश
Key Takeaways
- विश्वनाथ सुरेश ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में बड़ी जीत हासिल की।
- उन्होंने कजाकिस्तान के विश्व चैंपियन को हराया।
- उनका प्रदर्शन भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक नई आशा है।
- विश्वनाथ ने 50 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक भी जीते हैं।
- उनकी तकनीकी क्षमता और रणनीति उन्हें एक मजबूत मुक्केबाज बनाती है।
उलानबटार (मंगोलिया), 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत के विश्वनाथ सुरेश ने कजाकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर 1 बॉक्सर संझर ताशकेनबे को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। अन्य मुकाबलों में, अंकुशिता बोरो (65 किग्रा) ने क्वार्टरफाइनल में लॉरा येसेनकेल्डी (कजाकिस्तान) को 4-1 से मात दी।
मंगोलिया में चल रहे इस इवेंट में सभी की नजरें विश्वनाथ सुरेश पर थीं, जिन्होंने एक यादगार प्रदर्शन किया और भारतीय बॉक्सिंग में एक नए सितारे के उदय का संकेत दिया।
विश्वनाथ सुरेश (पुरुष 50 किग्रा–फ्लाइवेट) ने खुद को भारत के सबसे रोमांचक बॉक्सिंग प्रतिभाओं में तेजी से स्थापित किया है। उन्होंने जूनियर स्तर पर अपने दबदबे के बाद सीनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चेन्नई से आने वाले इस मुक्केबाज का उभार इस क्षेत्र से निकल रही प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
2026 में प्रवेश करते हुए, विश्वनाथ मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन हैं। उन्होंने एलीट पुरुष राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर यह मुकाम हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने ऋषि सिंह को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराते हुए 50 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के नंबर-1 मुक्केबाज की स्थिति मजबूत कर ली।
विश्वनाथ सुरेश की इस सफलता की नींव उनके शानदार युवा करियर ने रखी है। उन्हें पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान आईबीए यूथ मेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2022 में स्वर्ण जीतने से मिली। इसके बाद उन्होंने एएसबीसी एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2022 में भी गोल्ड जीतकर वैश्विक और महाद्वीपीय स्तर पर अपने दबदबे को साबित किया।
जैसे-जैसे वे आगे बढ़ते गए, विश्वनाथ ने अपने से ज्यादा मजबूत और अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एशियन अंडर-22 बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2024 में कांस्य पदक जीता, और उसके बाद चेन्नईबीएफआई फेडरेशन कप 2025 में अपने नाम एक और स्वर्ण जोड़ लिया।
तकनीकी रूप से बेहद मजबूत और रणनीतिक रूप से चतुर, विश्वनाथ अपनी तेजी, फुर्ती और रिंग में समझदारी के लिए जाने जाते हैं। दूरी को नियंत्रित करने की उनकी क्षमता और तेज एवं सटीक पंच कॉम्बिनेशन उन्हें फ्लाइवेट वर्ग में एक खतरनाक मुक्केबाज बनाते हैं।
राष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद उन्हें एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में चुना गया, जहां वे भारत के अभियान का अहम हिस्सा हैं। खास बात यह रही कि उलानबटार में चल रही चैंपियनशिप के दौरान 4 अप्रैल को उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा विश्व चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 कजाकिस्तान के संझर ताशकेनबे को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।