वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: दिल्ली डायनामाइट्स ने एम्पेरिया मराठा को 3-1 से हराकर VCL खिताब जीता
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली डायनामाइट्स ने 24 अक्टूबर 2026 को नोएडा इंडोर स्टेडियम में खेले गए वॉलीबॉल चैंपियंस लीग (VCL) के फाइनल मुकाबले में एम्पेरिया मराठा को 3-1 से पराजित कर चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। विजेता टीम को ₹2 करोड़ की प्राइज मनी से नवाज़ा गया, जबकि उपविजेता एम्पेरिया मराठा को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि मिली।
मुख्य घटनाक्रम: सेट-दर-सेट संघर्ष
फाइनल की शुरुआत एम्पेरिया मराठा के पक्ष में रही। पहले सेट में मराठा के अटैकर्स ने दिल्ली की रक्षापंक्ति को चकमा देते हुए 25-22 से सेट अपने नाम किया और दिल्ली को शुरुआत से ही बैकफुट पर धकेल दिया।
हालाँकि दूसरे सेट में दिल्ली डायनामाइट्स ने तेज़ वापसी की। सर्विस और ब्लॉकिंग में सुधार करते हुए उन्होंने दूसरा सेट 25-19 से जीता और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
टर्निंग पॉइंट: रोमांचक तीसरा सेट
मैच का सबसे निर्णायक मोड़ तीसरा सेट बना। दोनों टीमों के बीच प्रत्येक पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर रही और स्कोर 29-29 तक बराबरी पर पहुँच गया। दबाव के इस नाज़ुक क्षण में दिल्ली के खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और लगातार दो पॉइंट जीतकर सेट 31-29 से अपने नाम किया। इस जीत ने मैच का रुझान पूरी तरह दिल्ली के पक्ष में मोड़ दिया।
चौथे और अंतिम सेट में दिल्ली डायनामाइट्स ने वही लय बरकरार रखी और मराठा को उबरने का कोई मौका नहीं दिया। 25-19 से चौथा सेट जीतकर दिल्ली ने फाइनल 3-1 से अपने नाम किया।
सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार
टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले शुभम चौधरी को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। वहीं, एसआर शिवराजन को इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच के सम्मान से नवाज़ा गया। दोनों खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर असाधारण प्रदर्शन कर टीम की जीत सुनिश्चित की।
विजेता की प्रतिक्रिया
जीत के बाद शुभम चौधरी ने कहा, 'वॉलीबॉल चैंपियंस लीग का टाइटल जीतना पूरी टीम के लिए एक खास एहसास है। पहला सेट हारने के बाद हम एकजुट रहे, अपनी तैयारी पर भरोसा किया और एक बार में एक पॉइंट पर ध्यान दिया। तीसरा सेट खासतौर पर ज़रूरी था और एक-दूसरे पर हमारे भरोसे ने हमें मैच पलटने में मदद की। यह जीत टीम की कड़ी मेहनत और मिलकर किए गए प्रयास का नतीजा है।'
भारतीय वॉलीबॉल पर असर
नोएडा में खेले गए इस फाइनल ने दर्शकों को भरपूर रोमांच दिया और भारतीय वॉलीबॉल के बढ़ते स्तर को रेखांकित किया। यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब देश में इनडोर खेलों को लेकर दर्शकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। आने वाले सत्रों में VCL जैसी प्रतियोगिताएँ नए खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय मंच का काम कर सकती हैं।