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20 जून 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:09–12:57 बजे, उत्तर-पूर्व दिशा में यात्रा से बचें

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20 जून 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:09–12:57 बजे, उत्तर-पूर्व दिशा में यात्रा से बचें

सारांश

20 जून 2026 को ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी तिथि है। शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:09–12:57 बजे उपलब्ध है, जबकि उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा में दिशाशूल के कारण यात्रा से परहेज़ करने की सलाह है।

मुख्य बातें

तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष षष्ठी दोपहर 3:46 बजे तक, इसके बाद सप्तमी प्रारंभ।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:09 से 12:57 बजे तक — शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम।
राहुकाल सुबह 08:59–10:41 , गुलिक काल 07:12–08:55 , यमघण्टकाल 06:52–08:37 — इन अवधियों में नए कार्य वर्जित।
नक्षत्र: अश्लेषा 10:07 बजे तक, तत्पश्चात मघा नक्षत्र।
दिशाशूल: पूर्व और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में यात्रा से बचें।
सूर्य मिथुन राशि में, चंद्रमा कन्या राशि में; सूर्योदय 5:27 , सूर्यास्त 19:17 बजे ।

हिंदू पंचांग के अनुसार 20 जून 2026 (शनिवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 3:46 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके पश्चात सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। जो लोग शुभ कार्य, यात्रा, निवेश या पूजा-अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं, उनके लिए आज का पंचांग विशेष रूप से उपयोगी है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

आज सुबह 5:27 बजे सूर्योदय और शाम 19:17 बजे सूर्यास्त होगा। चन्द्रोदय सुबह 10:49 बजे और चन्द्रास्त रात 23:39 बजे होगा। ग्रहों की स्थिति की दृष्टि से सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं।

नक्षत्र और योग

पंचांग के अनुसार आज अश्लेषा नक्षत्र सुबह लगभग 10:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र का प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो आज वज्र योग सुबह 07:18 बजे तक और उसके पश्चात सिद्धि योग मान्य रहेगा। उल्लेखनीय है कि हर्षण योग आज उपस्थित नहीं है — यह मुख्यतः 18–19 जून 2026 तक ही सीमित था।

अभिजित मुहूर्त और शुभ समय

महत्वपूर्ण कार्यों के आरंभ के लिए आज का सर्वश्रेष्ठ समय अभिजित मुहूर्त है, जो दोपहर 12:09 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। वैदिक परंपरा में इस मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें आरंभ किए गए कार्य सफल होते हैं।

राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार आज तीन अशुभ काल हैं जिनमें नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। राहुकाल सुबह 08:59 से 10:41 बजे तक, गुलिक काल सुबह 07:12 से 08:55 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 06:52 से 08:37 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय, यात्रा या नए उद्यम आरंभ करने से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी

ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार आज पूर्व दिशा और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में दिशाशूल रहेगा। इन दिशाओं में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार उचित उपाय अपनाने के बाद ही प्रस्थान करें। आगामी दिनों की योजना बनाते समय कल के पंचांग पर भी ध्यान दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि दिशाशूल, राहुकाल और मुहूर्त पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं — इनका वैज्ञानिक सत्यापन नहीं है। व्यावहारिक निर्णयों में इन्हें सांस्कृतिक संदर्भ के रूप में देखना उचित होगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त कब है?
20 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इसे वैदिक परंपरा में शुभ कार्यों, यात्रा और नए उद्यम आरंभ करने के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
20 जून 2026 को राहुकाल का समय क्या है?
20 जून 2026 (शनिवार) को राहुकाल सुबह 08:59 बजे से 10:41 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
आज किस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए?
20 जून 2026 को पूर्व और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इन दिशाओं में यात्रा अशुभ मानी जाती है; यदि यात्रा अनिवार्य हो तो ज्योतिषीय उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।
20 जून 2026 को कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?
इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 3:46 बजे तक है, इसके बाद सप्तमी आरंभ होगी। नक्षत्र की बात करें तो अश्लेषा नक्षत्र सुबह 10:07 बजे तक और उसके बाद मघा नक्षत्र प्रभावी रहेगा।
20 जून 2026 को कौन-से योग हैं?
इस दिन वज्र योग सुबह 07:18 बजे तक और उसके पश्चात सिद्धि योग मान्य रहेगा। हर्षण योग आज उपस्थित नहीं है — वह 18–19 जून 2026 तक ही सीमित था।
राष्ट्र प्रेस
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