क्या जनभागीदारी से उत्तर प्रदेश दिवस 2026 और भव्य होगा?
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश दिवस 2026 एक भव्य जनोत्सव होगा।
- संस्कृति, व्यंजन और विकास यात्रा का प्रदर्शन किया जाएगा।
- 'एक जनपद-एक व्यंजन' का आयोजन होगा।
- मुख्य अतिथि अमित शाह होंगे।
- राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
लखनऊ, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद की सक्रिय सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की साझा चेतना के साथ, उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष एक भव्य जनोत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 24 से 26 जनवरी 2026 तक मनाया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को जनभागीदारी के माध्यम से एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और संभावनाओं को जनसहयोग के साथ प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर है।
उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस को एक जनोत्सव के रूप में मनाया जाए, जिसमें प्रदेश की आत्मा हर स्तर पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करेगी। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को गरिमा, अनुशासन और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जनपदों में किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव एक साथ पूरे प्रदेश में मनाया जा सके। बैठक में अवगत कराया गया कि इस अवसर पर 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस वर्ष 'एक जनपद-एक व्यंजन' का आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आगंतुक उत्तर प्रदेश के विविध स्वाद, खान-पान परंपराओं और स्थानीय पहचान से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि 'हमारी संस्कृति-हमारी पहचान' की भावना के अनुरूप लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों को मंच प्रदान किया जाए तथा कलाकारों एवं आगंतुकों के लिए समुचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 जनवरी को आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी जनपदों के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाए, ताकि प्रदेश की सामूहिक उपलब्धियों का सम्मान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को ऐसा आयोजन बनाया जाए, जो प्रदेश की संस्कृति, स्वाद, शिल्प और विकास दृष्टि को एक साथ प्रस्तुत करे और प्रत्येक आगंतुक के लिए यह अनुभव प्रेरणादायी, स्मरणीय और गर्व का विषय बने।