जापान के क्यूशू में 7.1 तीव्रता का भूकंप: 13 की मौत, 170 से अधिक आफ्टरशॉक, हाई अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
जापान के क्यूशू द्वीप स्थित कुमामोतो प्रांत में मंगलवार, 29 जुलाई 2025 की शाम 4:27 बजे 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप ने तबाही मचाई, जिसमें अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 31 से अधिक लोग घायल हैं। बुधवार सुबह 11 बजे तक 170 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके थे, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है।
मुख्य घटनाक्रम
भूकंप की तीव्रता जापान की शिंदो स्केल पर 7 दर्ज की गई — जो इस पैमाने का सर्वोच्च स्तर है। इस झटके से कुमामोतो में पुल ढह गए और कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे दर्दनाक घटना एईओएन मॉल कुमामोतो में सामने आई, जहाँ भूकंप के दौरान मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई। रात भर चले बचाव अभियान के बाद मलबे से 20 वर्षीय दो महिलाओं के शव बरामद किए गए।
कुमामोतो प्रांत के अधिकारियों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे तक 3 लोगों की मौत, 5 लोगों के कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट (हृदय एवं श्वसन क्रिया बंद होने की स्थिति) में होने और 31 लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बाद में कुल मृतक संख्या 13 बताई, जिसमें भूकंप से जुड़ी परिस्थितियों में हुई कुछ मौतें भी शामिल हैं।
चेतावनी और हाई अलर्ट
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने नागरिकों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की चेतावनी दी है। एजेंसी के एक अधिकारी के अनुसार, अगले दो से तीन दिन विशेष रूप से संवेदनशील हैं और इस दौरान शिंदो स्केल पर अधिकतम 7 तीव्रता तक के और भूकंप आ सकते हैं। विशेषज्ञों ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे लोगों से भीषण गर्मी के बीच नियमित अंतराल पर आराम करने की अपील की है, ताकि हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों से बचा जा सके।
ऐतिहासिक संदर्भ: 2016 और 2024 की याद
गौरतलब है कि कुमामोतो प्रांत इससे पहले 2016 में भी विनाशकारी भूकंपों की श्रृंखला का केंद्र रहा था। 14 अप्रैल 2016 को 6.5 तीव्रता के भूकंप के करीब 28 घंटे बाद, 16 अप्रैल 2016 को 7.3 तीव्रता के मुख्य भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब 1 जनवरी 2024 को नोटो प्रायद्वीप में भी शिंदो स्केल पर 7 तीव्रता का भूकंप आया था — और अब इस पैमाने पर उतनी ही तीव्रता का यह दूसरा बड़ा झटका है।
JMA ने पुष्टि की है कि मंगलवार के भूकंप का केंद्र हिनागु फॉल्ट जोन के निकट था — वही फॉल्ट जोन जिसके बारे में जापान की सरकारी अर्थक्वेक रिसर्च कमेटी ने अनुमान लगाया था कि अगले 30 वर्षों में इसके दक्षिणी हिस्से में 7 तीव्रता का भूकंप आने की आशंका सर्वाधिक है। हालाँकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह पुष्टि करना संभव नहीं है कि 2016 में सक्रिय रहे उसी फॉल्ट ने फिर से गतिविधि शुरू की है।
राहत एवं बचाव कार्य
क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में सेना, दमकल और आपदा प्रबंधन दल तैनात किए गए हैं। एईओएन मॉल में रातभर चला बचाव अभियान इस आपदा का सबसे जटिल मोर्चा रहा। एक अन्य व्यक्ति कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट की स्थिति में है, जबकि बचाए गए अन्य लोगों की चोटें अपेक्षाकृत गंभीर नहीं बताई जा रही हैं।
आगे क्या
आने वाले दिनों में और आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए JMA की निगरानी टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। जापान की सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और मृतकों की संख्या में और बदलाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।