कुमामोटो के एयॉन मॉल में विस्फोट: 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद इमारत का हिस्सा ढहा, कई लोग फंसे
सारांश
मुख्य बातें
जापान के कुमामोटो प्रांत के काशिमा टाउन में मंगलवार, 28 जुलाई को एयॉन मॉल कुमामोटो में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिसके बाद इमारत की दूसरी मंजिल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना उसी दिन आए 7.1 तीव्रता के भूकंप के कुछ घंटों बाद हुई, जिसने पूरे कुमामोटो क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
जापान की फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार, स्थानीय दमकल विभाग को शाम करीब 6 बजे (स्थानीय समय) कई आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं। कॉल करने वालों ने बताया कि मॉल से विस्फोट जैसी तेज़ आवाज़ आई और सफेद धुआं उठता दिखाई दिया। घायलों को तत्काल नज़दीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया, हालाँकि घायलों की कुल संख्या और उनकी स्थिति के बारे में अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
जापान के सरकारी प्रसारक NHK के हेलीकॉप्टर से शाम 6:20 बजे ली गई हवाई तस्वीरों में इमारत को गंभीर क्षति पहुँची दिखाई दी। इमारत की बाहरी दीवार के कई हिस्से टूट गए थे, जिससे अंदर का लोहे का ढाँचा उजागर हो गया था। छत का एक हिस्सा भी ढहा हुआ था और उस पर एक बड़ा छेद भी स्पष्ट रूप से दिख रहा था।
भूकंप और सुनामी चेतावनी
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, 7.1 तीव्रता का यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 4:27 बजे आया। इसका केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में जापानी भूकंप पैमाने पर अधिकतम तीव्रता 7 दर्ज की गई — जो इस पैमाने की सर्वोच्च श्रेणी है। काशिमा टाउन में जापानी पैमाने पर कम से कम 5 से अधिक तीव्रता के झटके महसूस किए गए, हालाँकि सटीक तीव्रता की पुष्टि अभी बाकी है।
भूकंप के बाद जापान के दक्षिण-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों — एरियाके सागर और यत्सुशिरो सागर — के लिए 1 मीटर ऊँची सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
बचाव अभियान
दमकलकर्मी और आपातकालीन दल घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लेने और बचाव अभियान चलाने में जुट गए। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे लोगों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है और तलाशी अभियान जारी है।
विस्फोट के कारणों की जाँच जारी
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के सटीक कारणों की जाँच अभी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब कुमामोटो क्षेत्र पहले ही 2016 में विनाशकारी भूकंप झेल चुका है, जिसमें दर्जनों लोगों की जान गई थी। गौरतलब है कि भूकंप के बाद गैस रिसाव या संरचनात्मक क्षति से विस्फोट की घटनाएँ असामान्य नहीं होतीं, लेकिन इस मामले में कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
आगे क्या
जापानी अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और तटीय निवासियों को सुनामी चेतावनी के मद्देनज़र सतर्क रहने को कहा गया है। बचाव अभियान के नतीजे और घायलों की स्थिति की जानकारी आने वाले घंटों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।