जापान के कुमामोटो में 7.1 तीव्रता का भूकंप, विदेश मंत्री जयशंकर ने जताई एकजुटता
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 28 जुलाई को जापान के कुमामोटो प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जापान सरकार और वहाँ के नागरिकों के प्रति भारत की पूर्ण एकजुटता का भरोसा दिलाया। दक्षिण-पश्चिमी जापान में 7.1 तीव्रता के इस भूकंप में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
भूकंप स्थानीय समय अनुसार शाम करीब 4:27 बजे आया और इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। जापान की मौसम एजेंसी के अनुसार, सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता जापान के भूकंपीय पैमाने पर अधिकतम 7 दर्ज की गई — जो इस पैमाने की उच्चतम श्रेणी है।
कुमामोटो में करीब 50 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। स्थानीय दमकल विभाग को कई लोगों के अपने घरों के भीतर फंसे होने की सूचनाएँ मिली हैं। एरिएक सागर और यात्सुशिरो सागर के लिए एक मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
शॉपिंग मॉल में विस्फोट, 30 कर्मचारी लापता
कुमामोटो प्रांत के काशिमा में एक एयॉन कंपनी से जुड़े शॉपिंग मॉल में भूकंप के बाद विस्फोट हुआ, जिसके बाद वहाँ कार्यरत करीब 30 कर्मचारियों के लापता होने की खबर है। फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी और पुलिस के अनुसार, इमारत की दूसरी मंजिल का एक हिस्सा ढह गया। यह विस्फोट उस समय हुआ जब करीब 200 लोग पहले ही बाहर निकल चुके थे।
यात्सुशिरो स्टेशन पर एक मालगाड़ी पटरी से उतरकर पलट गई, हालाँकि ट्रेन चालक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
परमाणु संयंत्रों पर असर नहीं
कागोशिमा प्रांत स्थित सेंडाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र और सागा प्रांत के जेनकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र ने किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी की सूचना नहीं दी है। यह राहत की बात है, क्योंकि 2011 के फुकुशिमा हादसे के बाद से जापान में भूकंप के दौरान परमाणु सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।
विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जापान के कुमामोटो प्रांत में आए भूकंप की खबर से बहुत चिंतित हूँ। इस मुश्किल समय में जापान सरकार और वहाँ के लोगों के साथ हमारी पूरी एकजुटता और समर्थन है। भूकंप से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूँ।' यह बयान भारत-जापान के घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि में आया है, जो हाल के वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के रूप में और मजबूत हुए हैं।
आगे की स्थिति
राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए आपातकालीन दल तैनात किए गए हैं। सुनामी चेतावनी के मद्देनज़र तटीय इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले घंटों में हताहतों की संख्या और नुकसान का पूरा आकलन सामने आने की उम्मीद है।