जापान भूकंप: कुमामोटो में 30 की मौत, मलबे में तलाश जारी; एयॉन मॉल में गैस विस्फोट से बढ़ी मुश्किलें
सारांश
मुख्य बातें
जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू के कुमामोटो प्रांत में मंगलवार, 29 जुलाई 2026 को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 60 से अधिक लोग घायल हैं और कई लोग अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है, लेकिन भीषण गर्मी और आफ्टरशॉक ने कार्य को और कठिन बना दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जापानी प्रसारणकर्ता एनएचके के अनुसार, प्रांतीय सरकार ने पुष्टि की है कि घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे मृतकों का आँकड़ा और ऊपर जाने की आशंका है। करीब 5,000 जापानी सेल्फ-डिफेंस फोर्स (एसडीएफ) के जवान राहत कार्य में तैनात हैं। गुरुवार को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने और रात में आए 5.8 तीव्रता के आफ्टरशॉक ने अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
एयॉन शॉपिंग मॉल हादसा
कशिमा कस्बे के एयॉन शॉपिंग मॉल में लगभग 170 बचावकर्मी फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। भूकंप के समय मॉल में हज़ारों लोग मौजूद थे। एयॉन कंपनी के अनुसार, भूकंप के तुरंत बाद लगभग 3,000 ग्राहकों को सुरक्षित पार्किंग क्षेत्र में निकाल लिया गया, लेकिन इसके बाद मॉल के एक अन्य हिस्से में गैस विस्फोट हो गया। मलबे से अब तक आठ लोगों को निकाला गया है, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है।
कंपनी ने बताया कि विस्फोट की चपेट में आए सभी लोग दुकान के कर्मचारी थे, जो निकासी के बाद दोबारा भवन के भीतर लौटे थे। एयॉन के अध्यक्ष ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में झुककर माफी माँगी और स्वीकार किया कि कंपनी गैस विस्फोट की आशंका का अनुमान लगाने में विफल रही। विस्फोट के कारणों की जाँच जारी है। जापानी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में मॉल की छत का एक हिस्सा ढहा हुआ दिखाई दिया, जबकि हेलमेट और मास्क पहने बचावकर्मी धातु के टुकड़ों और मलबे के बीच खोज अभियान चलाते नज़र आए।
निप्पॉन पेपर मिल हादसा
यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर मिल में चिमनी गिरने के बाद पुलिस और एसडीएफ के जवान अभी भी चार लापता कर्मचारियों की तलाश कर रहे हैं। इस हादसे में कुल सात कर्मचारी मलबे में फंस गए थे, जिनमें से पाँच की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं।
पहली विदेशी नागरिक की मौत
इस बीच, भूकंप में किसी विदेशी नागरिक की पहली मौत की भी पुष्टि हुई है। वियतनाम सरकार के अनुसार, एक वियतनामी तकनीकी प्रशिक्षु की उस समय मौत हो गई जब उसके कार्यस्थल पर एक क्रेन उसके ऊपर गिर गई। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि जापान में कार्यरत विदेशी श्रमिक भी इस आपदा से अछूते नहीं रहे।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि कुमामोटो प्रांत पहले भी अप्रैल 2016 में विनाशकारी भूकंपों की चपेट में आ चुका है, जब 6.2 और 7.0 तीव्रता के दो बड़े झटकों में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका के बीच बचाव दल मलबे में दबे लोगों को खोजने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।