कुमामोटो भूकंप में मृतकों की संख्या 34 हुई, 9,400 से अधिक लोग राहत शिविरों में
सारांश
मुख्य बातें
जापान के कुमामोटो प्रीफेक्चर में 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। प्रीफेक्चरल डिजास्टर रिस्पॉन्स हेडक्वार्टर के अनुसार, इनमें से नौ मामलों में अभी यह जांच जारी है कि मौत का सीधा कारण भूकंप था या कोई अन्य परिस्थिति। राहत और बचाव अभियान 30 जुलाई को भी जारी रहा, जबकि हज़ारों लोग अभी भी शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यात्सुशिरो शहर स्थित निप्पॉन पेपर फैक्ट्री में भूकंप के कारण एक बड़ी चिमनी ढह गई। बचाव दल ने मलबे से 10 लोगों को निकाला, जिनमें से 8 की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 2 लोग घायल हैं। इसके अतिरिक्त, एक लापता व्यक्ति गुरुवार दोपहर बाद मलबे में मिला, हालांकि उसकी स्थिति के बारे में अधिकारियों ने अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है।
काशिमा टाउन के एयॉन मॉल कुमामोटो में भूकंप के तुरंत बाद एक बड़ा विस्फोट हुआ। वहाँ से 12 लोगों को बचाया गया है, जिनमें 7 की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है और 5 घायल हैं। पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें अभी भी इमारत के भीतर तलाशी अभियान चला रही हैं।
राहत शिविर और बुनियादी सेवाओं की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रीफेक्चर में 406 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 9,400 से अधिक विस्थापित लोग रह रहे हैं। भूकंप के कारण 79,700 से अधिक घरों में पेयजल आपूर्ति बाधित है और स्थानीय प्रशासन के पास इसकी बहाली की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है।
बिजली की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है — गुरुवार दोपहर तक लगभग 19,000 घरों में बिजली नहीं थी। क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर के अनुसार, यदि मरम्मत कार्य योजनाबद्ध तरीके से चलता रहा तो शुक्रवार शाम तक बिजली बहाल होने की उम्मीद है।
सरकार की प्रतिक्रिया
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने बुधवार को कुमामोटो भूकंप पर दूसरी विशेष आपदा प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कुमामोटो प्रीफेक्चर के गवर्नर किमुरा और कैबिनेट कार्यालय के उपमंत्री त्सुशिमा ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।
तकाइची ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जापानी सरकार भूकंप से हुए नुकसान का त्वरित आकलन कर रही है और संबंधित मंत्रालय एवं एजेंसियाँ राहत व प्रारंभिक सहायता कार्यों में पूरी तरह सक्रिय हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब जापान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन पर भारी खर्च कर रहा है। गौरतलब है कि कुमामोटो पहले भी 2016 के विनाशकारी भूकंप की चपेट में आ चुका है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान गई थी। पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं के ठप होने से हज़ारों परिवार गंभीर संकट में हैं।
क्या होगा आगे
अधिकारी मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। नौ संदिग्ध मामलों की जाँच के नतीजे सामने आने के बाद मृतकों की आधिकारिक संख्या में और बदलाव हो सकता है। पेयजल बहाली की समय-सीमा अभी अनिश्चित है, जबकि बिजली आपूर्ति शुक्रवार तक सामान्य होने की उम्मीद है।