कुमामोटो भूकंप: एक हफ्ते बाद भी 8,000 से अधिक बेघर, 46,000 घरों में पानी नहीं
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो प्रीफेक्चर में 7.1 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी 8,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को विवश हैं। 46,000 से अधिक घरों में पेयजल आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है, जबकि 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचती भीषण गर्मी ने राहत कार्यों को और कठिन बना दिया है।
राहत शिविरों की स्थिति
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्रभावित लोग 150 इवैक्युएशन शेल्टर में शरण ले रहे हैं। स्कूलों के जिम, सामुदायिक केंद्रों और कक्षाओं को राहत शिविरों में तब्दील किया गया है, लेकिन इनमें से अधिकांश में एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है। बड़ी संख्या में लोग अपनी कारों, पार्कों या क्षतिग्रस्त घरों के बाहर रात गुजारने को मजबूर हैं। कथित तौर पर हीट स्ट्रोक से बचने के लिए कार में सो रहे एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।
सरकारी राहत और वित्तीय सहायता
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सोमवार को सेना के हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और एक राहत शिविर का दौरा किया। इस दौरे के बाद उन्होंने घोषणा की कि सरकार इस भूकंप को 'अत्यधिक गंभीर आपदा' घोषित करेगी, जिससे स्थानीय सरकारों को पुनर्निर्माण कार्य के लिए अधिक सब्सिडी मिल सकेगी। मंगलवार को उनकी कैबिनेट ने सरकारी रिजर्व फंड से लगभग 24.2 बिलियन येन (करीब 150 मिलियन डॉलर) की सहायता राशि मंजूर की।
गर्मी और जलसंकट का दोहरा संकट
सोमवार को कुमामोटो प्रीफेक्चर के कई हिस्सों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में पहली बार 40 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज हुआ। कई क्षेत्रों में ईंधन की कमी भी बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब 12,000 से अधिक इमारतों को नुकसान पहुँचने का अनुमान है और पुनर्निर्माण कार्य अभी शुरुआती चरण में है।
स्थानीय प्रशासन की चिंताएँ
कुमामोटो के गवर्नर ताकाशी किमुरा ने प्रधानमंत्री ताकाइची से मुलाकात में 'असामान्य गर्मी' पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कई राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है और केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की माँग की। प्रधानमंत्री ताकाइची ने गवर्नर को आश्वस्त करते हुए कहा, 'राज्यपाल की मांगों को ध्यान में रखते हुए हम शीघ्रता से यह समीक्षा करेंगे कि आपदा प्रभावित क्षेत्र और वहाँ के लोगों के लिए सरकार क्या अतिरिक्त कदम उठा सकती है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई करेंगे।'
पुनर्वास और आगे की राह
उकी और हिकावा कस्बों में विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आवासों का निर्माण शुरू हो चुका है। कई होटल और पारंपरिक सराय भी प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए कमरे उपलब्ध करा रहे हैं। सरकार ने प्राथमिकता के तौर पर जलापूर्ति बहाल करना, अस्थायी आवास तैयार करना और राहत शिविरों में चिकित्सा व स्वच्छता सुविधाएँ बढ़ाना निर्धारित किया है। गौरतलब है कि जापान भूकंप-प्रवण देश है और 2016 में भी कुमामोटो में आए विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्वास में महीनों लगे थे।