आओमोरी में 5.8 तीव्रता का भूकंप, उत्तरी जापान में फिर हिली धरती; सुनामी का खतरा नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत में 1 अगस्त 2026 को एक बार फिर भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, 5.8 तीव्रता का यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:48 बजे आओमोरी के प्रशांत तट से 80 किमी की गहराई पर दर्ज किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
भूकंप का केंद्र और तकनीकी विवरण
JMA के आँकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र 41.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.0 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई 80 किमी दर्ज की गई, जिसे मध्यम गहराई की श्रेणी में रखा जाता है। इस गहराई के कारण सतह पर झटकों की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही और किसी बड़े नुकसान की तत्काल सूचना नहीं आई।
कुमामोटो भूकंप की पृष्ठभूमि
आओमोरी का यह भूकंप उस व्यापक भूकंपीय संकट के बीच आया है, जो जापान के क्यूशू द्वीप के कुमामोटो प्रांत में मंगलवार शाम 4:27 बजे आए 7.1 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद से जारी है। उस भूकंप की तीव्रता जापान के शिंदो स्केल पर अधिकतम 7 दर्ज की गई — जो इस पैमाने का सर्वोच्च स्तर है। इससे पहले इतनी तीव्रता का भूकंप 1 जनवरी 2024 को नोटो प्रायद्वीप में आया था।
कुमामोटो भूकंप के बाद बुधवार सुबह 11 बजे तक 170 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके थे। इस आपदा में पुल ढह गए और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
मृतकों की संख्या और जाँच
कुमामोटो प्रीफेक्चरल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स हेडक्वार्टर के अनुसार, गुरुवार दोपहर हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 35 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हालाँकि, इनमें से नौ मामलों में यह जाँच अभी जारी है कि मृत्यु का सीधा संबंध 7.1 तीव्रता के भूकंप से था या नहीं। कई लोग घायल भी हुए हैं।
अधिकारियों की चेतावनी और विशेषज्ञ सलाह
JMA ने नागरिकों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। जापान के सार्वजनिक प्रसारक NHK के अनुसार, एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अगले दो से तीन दिन विशेष रूप से संवेदनशील हैं और इस दौरान शिंदो स्केल पर अधिकतम 7 तीव्रता तक के और भूकंप आ सकते हैं।
विशेषज्ञों ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे कर्मियों से भीषण गर्मी के बीच नियमित अंतराल पर विश्राम करने की अपील की है, ताकि हीट स्ट्रोक जैसी जटिलताओं से बचा जा सके। जापान में यह भूकंपीय गतिविधि उस समय तेज़ हुई है जब देश में मौसमी गर्मी चरम पर है, जिससे बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आगे क्या
JMA की निगरानी टीमें दोनों क्षेत्रों — आओमोरी और कुमामोटो — में भूकंपीय गतिविधि पर सतत नज़र रखे हुए हैं। कुमामोटो में राहत कार्य जारी है और मृतकों की अंतिम संख्या की पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद होगी।