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क्या मानसून सत्र अगले 25 वर्षों के यूपी विजन का गवाह बनेगा?

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क्या मानसून सत्र अगले 25 वर्षों के यूपी विजन का गवाह बनेगा?

सारांश

उत्तर प्रदेश विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास के विजन पर चर्चा की। यह सत्र स्वतंत्रता के अमृतकाल के तीसरे वर्ष में आयोजित होगा और इसमें 25 साल की कार्ययोजना पर गहन चर्चा की जाएगी।

मुख्य बातें

अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री का विकसित यूपी का विजन।
सभी दलों से सार्थक चर्चा का आह्वान।

लखनऊ, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 2025 के आगाज से पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने इस सत्र की महत्ता, सरकार की योजनाओं और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को उजागर करते हुए कहा कि यह सत्र स्वतंत्रता के अमृतकाल के तीसरे वर्ष में आयोजित होने के साथ-साथ राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का मानसून सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना को सदन के पटल पर प्रस्तुत करेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित यूपी' का विजन लेकर आगे बढ़ रही है। यह विजन नीति आयोग और विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 और 14 अगस्त को लगातार 24 घंटे इस विजन पर सदन में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सर्वदलीय बैठक में सभी नेताओं के बीच इस पर सहमति बनी है। यह चर्चा न केवल विधानसभा और विधान परिषद में होगी, बल्कि आम जनता की राय भी इस विजन डॉक्यूमेंट में शामिल की जाएगी। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि 2047 तक जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उत्तर प्रदेश भी 'विकसित उत्तर प्रदेश' के रूप में तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नकाल में जनप्रतिनिधि जनहित से जुड़े सवाल उठाएंगे, जबकि शून्यकाल में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी दलों से सार्थक और रचनात्मक चर्चा की अपील की, ताकि समय का सदुपयोग हो और नकारात्मकता से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रस्तावों का स्वागत करेंगे जो सदन में चर्चा के लिए आएंगे। युवाओं के हित, यूपी के विकास और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न करने वालों को जनता स्वयं जवाब देगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून सत्र में बाढ़ और जलजमाव जैसे मौसमी मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य, शिक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, गरीब कल्याण और सभी वर्गों के उत्थान से जुड़े विषयों पर भी गहन परिचर्चा होगी। उन्होंने पिछले साढ़े आठ वर्षों में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा प्राप्त की है। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनका एजेंडा विकास के बजाय नकारात्मकता पर केंद्रित रहता है।

उन्होंने कहा कि पहले जब हमने 36 घंटे की कार्यवाही को आगे बढ़ाया था, तब भी सपा ने इसका विरोध किया और असंसदीय शब्दों का उपयोग किया, जिसके लिए वे पहले से ही कुख्यात हैं। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक और विकासोन्मुखी चर्चा में भाग लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने यूपी विधानमंडल को देश का सबसे बड़ा विधानमंडल बताते हुए कहा कि यहां होने वाली चर्चाएं पूरे देश के लिए एक नजीर बनती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्ष में यूपी विधानमंडल ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की है। इस बार भी 25 करोड़ की आबादी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम महत्वपूर्ण एजेंडे के साथ सत्र में उपस्थित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर से आए सभी विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों का हृदय से स्वागत किया और सत्र की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र उत्तर प्रदेश के विकास और समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। सरकार की योजनाओं में सभी वर्गों की सहभागिता को सुनिश्चित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसून सत्र की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
इस मानसून सत्र में अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी और इसमें जनहित के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
क्या आम जनता की राय को शामिल किया जाएगा?
हां, इस सत्र में आम जनता की राय को भी शामिल किया जाएगा, जिससे विकास योजनाएँ सभी के हित में हों।
मुख्यमंत्री का इस सत्र के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इस सत्र में कौन-कौन से मुद्दों पर चर्चा होगी?
बाढ़, जलजमाव, स्वास्थ्य, शिक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, गरीब कल्याण और सामाजिक उत्थान पर चर्चा होगी।
सत्र की सफलता के लिए क्या किया जाएगा?
सभी दलों से सार्थक और रचनात्मक चर्चा की अपील की गई है, ताकि सत्र सफल हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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