क्या अभिषेक बनर्जी ने बीएलए को निष्क्रियता पर चेतावनी दी?

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क्या अभिषेक बनर्जी ने बीएलए को निष्क्रियता पर चेतावनी दी?

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बीएलए को निष्क्रियता के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। यदि उनका रवैया नहीं सुधरता है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक में और क्या चर्चा हुई।

Key Takeaways

  • अभिषेक बनर्जी ने बीएलए को चेतावनी दी है।
  • यदि बीएलए ने अपना रवैया नहीं बदला, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • पार्टी के वॉर रूम का प्रभावी संचालन आवश्यक है।
  • बीएलए की निगरानी के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है।
  • भारतीय जनता पार्टी द्वारा संभावित हेरफेर पर चिंता व्यक्त की गई है।

कोलकाता, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मसौदे पर दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के दौरान बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को निष्क्रियता के लिए चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि बीएलए अपना रवैया नहीं बदलते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, बनर्जी ने विभिन्न स्तरों पर पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक में यह चेतावनी दी, जिसमें बीएलए भी शामिल थे।

बैठक में भाग लेने वाले एक पार्टी सूत्र ने बताया कि हमारे महासचिव ने साफ संदेश दिया कि पार्टी नेतृत्व उन बीएलए का समर्थन नहीं करेगा जो अपने कार्यों के प्रति समर्पित नहीं रहते हैं।

बनर्जी ने पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को, जिनमें सांसद और विधायक शामिल हैं, निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बीएलए के कार्यों की प्रभावी निगरानी करें।

उन्होंने पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों से नई दिल्ली में कम समय बिताने तथा अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक समय देने का अनुरोध किया, साथ ही उनसे अपने क्षेत्रों में गहन जनसंपर्क कार्यक्रम चलाने का भी आग्रह किया।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बनर्जी ने चल रहे मतदाता सूची संशोधन के लिए विशेष रूप से स्थापित पार्टी के वॉर रूम के प्रभावी संचालन पर जोर दिया।

एक पार्टी नेता ने बताया कि उन्होंने कहा कि यदि ये वॉर रूम प्रभावी नहीं होंगे, तो भारतीय जनता पार्टी स्थिति का लाभ उठाकर मतदाता सूचियों में हेरफेर करेगी, जैसा कि कथित तौर पर बिहार और हरियाणा में हुआ था।

वर्चुअल बैठक में बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा सुनवाई सत्रों की निगरानी के लिए नियुक्त सूक्ष्म पर्यवेक्षक अक्सर जिला मजिस्ट्रेटों के लॉगिन क्रेडेंशियल मांग रहे थे, जो जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में भी काम करते हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक गतिविधियों का स्थानीय स्तर पर प्रभाव पड़ता है। अभिषेक बनर्जी की चेतावनी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की सक्रियता को महत्व देती है।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने बीएलए को क्यों चेतावनी दी?
उन्होंने निष्क्रियता को लेकर बीएलए को चेतावनी दी है कि यदि वे अपने कार्यों में सक्रिय नहीं रहते हैं, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्या बीएलए की कार्यप्रणाली की निगरानी की जाएगी?
जी हां, अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे बीएलए की कार्यप्रणाली की प्रभावी निगरानी करें।
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