क्या अबू आजमी का कांग्रेस पर हमला सही है? 'पार्टी खुद को समाप्त कर रही'
सारांश
Key Takeaways
- राजनीतिक बयानबाजी चुनावी मौसम में बढ़ जाती है।
- अबू आसिम आजमी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- टीपू सुल्तान का जिक्र कर कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाया गया।
- नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- कांग्रेस को अल्पसंख्यक समुदाय की साख पर ध्यान देना चाहिए।
भिवंडी, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के आस-पास आते ही राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई और टीपू सुल्तान की हार का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया।
भिवंडी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अबू आसिम आजमी ने कहा, "टीपू सुल्तान क्यों हारे? उनकी सेना में बहुत सी साजिशें थीं। कुछ लोग मुखबिर बन गए और इसी वजह से वह हार गए... कांग्रेस खुद को समाप्त कर रही है।"
उन्होंने हर्षवर्धन सपकाल के टीपू सुल्तान पर दिए गए बयान को कांग्रेस की राजनीतिक आत्महत्या बताया। आजमी का इशारा स्पष्ट था कि कांग्रेस ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर विवादास्पद टिप्पणियां करके अल्पसंख्यक समुदाय में अपनी प्रतिष्ठा खो रही है।
आजमी ने कैबिनेट मंत्री नितेश राणे को मुसलमानों के खिलाफ कथित अपमानजनक बयानों के लिए तुरंत मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति विधायक बनता है, तो वह संविधान की शपथ लेता है कि देश में सभी को समान अधिकार हैं और वह सबके लिए काम करेगा। मंत्री बनने के बाद भी वह फिर शपथ लेता है। लेकिन कैबिनेट मंत्री बनने के बाद भी नितेश राणे बार-बार मुसलमानों के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं। अगर सच में न्याय होता, तो ऐसे व्यक्ति को मंत्रालय से हटा देना चाहिए।"
आजमी ने कहा, "वह जब चाहे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। अगर कोई मुसलमान यही बातें कहता, तो पूरे देश में हंगामा मच जाता। मुसलमान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की बात करते हैं, फिर भी कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें रोज़ 'रिसर्च' करके मुसलमानों के खिलाफ नकारात्मक बयान देने की ट्रेनिंग मिली है। उन्हें जिम्मेदारी से बोलना चाहिए और अपनी भाषा पर ध्यान देना चाहिए।"
साथ ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री नितेश राणे पर मुसलमानों के खिलाफ कथित अपमानजनक बयानों के लिए तुरंत मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।