आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी का Q2 मुनाफा 28.6% घटकर ₹221 करोड़, अन्य आय में 74% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) में शुद्ध लाभ 28.6 प्रतिशत घटकर ₹221 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में सामने आए इन नतीजों के अनुसार, राजस्व में वृद्धि के बावजूद बढ़ते खर्च और अन्य आय में भारी कमी ने लाभप्रदता को दबाव में रखा।
राजस्व और मार्जिन का हाल
कंपनी का परिचालन राजस्व तिमाही आधार पर 4.5 प्रतिशत बढ़कर ₹483.81 करोड़ हो गया। हालाँकि यह वृद्धि उत्साहजनक दिखती है, लेकिन परिचालन लाभ मार्जिन (ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन) मामूली रूप से घटकर 55.4 प्रतिशत रह गया, जो जून तिमाही में 55.6 प्रतिशत था।
कर्मचारी खर्च में तिमाही आधार पर 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे मार्जिन पर असर पड़ा। वहीं अन्य आय (अदर इनकम) में लगभग 74 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई — यह शुद्ध लाभ में गिरावट का सबसे बड़ा कारण रही। इसके बावजूद परिचालन लाभ में 4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई।
प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ और बाज़ार हिस्सेदारी
तिमाही औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ (QAAUM) 3.3 प्रतिशत बढ़कर ₹4.42 लाख करोड़ हो गईं। गौरतलब है कि यह वृद्धि म्यूचुअल फंड उद्योग की औसत वृद्धि दर 5 प्रतिशत से कम रही, जो प्रतिस्पर्धात्मक दबाव का संकेत है।
म्यूचुअल फंड उद्योग में कंपनी की बाज़ार हिस्सेदारी सितंबर के अंत तक तिमाही आधार पर 10 बेसिस प्वाइंट घटकर 5.7 प्रतिशत रह गई। इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, इक्विटी बाज़ार हिस्सेदारी 5 बेसिस प्वाइंट और घटकर 3.9 प्रतिशत पर आ गई।
यह ऐसे समय में आया है जब प्रतिस्पर्धी AMC कंपनियाँ इक्विटी फ्लो में तेज़ी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। कुल म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों में इक्विटी एसेट्स की हिस्सेदारी बढ़कर 47.4 प्रतिशत हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 90 बेसिस प्वाइंट अधिक है।
SIP पंजीकरण में सकारात्मक संकेत
कमज़ोर लाभप्रदता के बीच एक उत्साहजनक संकेत सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) पंजीकरण में मज़बूत वृद्धि के रूप में सामने आया। नए SIP पंजीकरण बढ़कर 7.05 लाख हो गए, जबकि जून तिमाही में यह आँकड़ा 5.47 लाख था — यानी एक तिमाही में लगभग 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
हालाँकि SIP योगदान अभी भी वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में दर्ज उच्चतम स्तर से नीचे बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, खुदरा निवेशकों की यह भागीदारी दीर्घकालिक रूप से कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।
शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया
नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद शेयर में कारोबार के दौरान लगभग 7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालाँकि बाद में इसमें आंशिक सुधार देखने को मिला। दोपहर के कारोबार में आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी का शेयर लगभग 1.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹943.4 प्रति शेयर पर कारोबार करता नज़र आया।
आगे देखें तो कंपनी के लिए बाज़ार हिस्सेदारी की वापसी और अन्य आय में स्थिरता लाना अगली तिमाहियों की मुख्य चुनौती होगी।