ABFRL का Q1 FY27 में शुद्ध घाटा 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़, राजस्व में 10.6% की वृद्धि
सारांश
मुख्य बातें
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में समेकित शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा ₹233.73 करोड़ था। राजस्व में वृद्धि के बावजूद खर्चों की तेज़ रफ़्तार ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव बनाए रखा।
वित्तीय प्रदर्शन का पूरा चित्र
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का कर-पूर्व घाटा भी बढ़कर ₹320.26 करोड़ पहुँच गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹259.50 करोड़ था। मालिकाना हिस्सेदारों के खाते में दर्ज शुद्ध घाटा ₹215.24 करोड़ रहा।
परिचालन राजस्व में उल्लेखनीय सुधार देखा गया — जून तिमाही में यह 10.6% बढ़कर ₹2,025.56 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,831.46 करोड़ था। अन्य आय समेत कुल आय ₹2,081.58 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष ₹1,895 करोड़ थी।
खर्चों में बढ़ोतरी बनी बड़ी चुनौती
राजस्व वृद्धि के समानांतर खर्चों में भी तेज़ उछाल आया। तिमाही के दौरान कुल व्यय बढ़कर ₹2,395.45 करोड़ हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह ₹2,148.75 करोड़ था। आय की तुलना में खर्चों की यह अधिक वृद्धि ही घाटे के विस्तार की मुख्य वजह रही। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का फैशन और रिटेल क्षेत्र उपभोक्ता मांग में सुधार की उम्मीद लगाए बैठा है।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन
कंपनी पर सबसे अधिक दबाव एथनिक वियर और अन्य व्यवसाय सेगमेंट में रहा। इस सेगमेंट का घाटा बढ़कर ₹188.54 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹178.82 करोड़ था। हालाँकि इस सेगमेंट का राजस्व ₹754.57 करोड़ से बढ़कर ₹830.79 करोड़ पहुँचा।
दूसरी ओर, पैंटालून्स कारोबार ने मामूली लाभ दर्ज किया। इस सेगमेंट का मुनाफा ₹3.48 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹3.67 करोड़ था — मामूली गिरावट के बावजूद यह एकमात्र लाभदायक खंड रहा। पैंटालून्स का राजस्व ₹1,094.13 करोड़ से बढ़कर ₹1,204.39 करोड़ हो गया। अंतर-सेगमेंट समायोजन से पहले कुल सेगमेंट राजस्व ₹2,035.18 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹1,848.70 करोड़ था।
शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया
नतीजों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ABFRL का शेयर लगभग सपाट रहा और ₹63.41 पर बंद हुआ। गौरतलब है कि बीते 52 सप्ताह में कंपनी के शेयर ने ₹94.95 का उच्चतम और ₹53.51 का न्यूनतम स्तर छुआ है — यानी शेयर अपने शिखर से करीब 33% नीचे कारोबार कर रहा है।
आगे की राह
ABFRL के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या वह एथनिक वियर सेगमेंट में लागत नियंत्रण और राजस्व वृद्धि के बीच संतुलन बना पाती है। त्योहारी सीज़न से पहले आने वाली अगली तिमाही में उपभोक्ता खर्च की दिशा कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य की अगली परीक्षा होगी।