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ABFRL का Q1 FY27 में शुद्ध घाटा 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़, राजस्व में 10.6% की वृद्धि

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ABFRL का Q1 FY27 में शुद्ध घाटा 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़, राजस्व में 10.6% की वृद्धि

सारांश

राजस्व में 10.6% की बढ़त के बावजूद ABFRL का शुद्ध घाटा Q1 FY27 में 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़ पहुँचा — खर्चों की रफ़्तार आय से तेज़ रही। एथनिक वियर सेगमेंट सबसे बड़ा बोझ बना, जबकि पैंटालून्स अकेला लाभदायक खंड रहा।

मुख्य बातें

ABFRL का Q1 FY27 समेकित शुद्ध घाटा सालाना 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़ हो गया।
परिचालन राजस्व 10.6% उछलकर ₹2,025.56 करोड़ पहुँचा, लेकिन कुल खर्च ₹2,395.45 करोड़ तक बढ़े।
कर-पूर्व घाटा ₹259.50 करोड़ से बढ़कर ₹320.26 करोड़ हो गया।
एथनिक वियर सेगमेंट का घाटा ₹188.54 करोड़ ; पैंटालून्स एकमात्र लाभदायक खंड — मुनाफा ₹3.48 करोड़ ।
NSE पर ABFRL शेयर ₹63.41 पर सपाट बंद; 52-सप्ताह उच्च ₹94.95 से करीब 33% नीचे।

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में समेकित शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा ₹233.73 करोड़ था। राजस्व में वृद्धि के बावजूद खर्चों की तेज़ रफ़्तार ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव बनाए रखा।

वित्तीय प्रदर्शन का पूरा चित्र

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का कर-पूर्व घाटा भी बढ़कर ₹320.26 करोड़ पहुँच गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹259.50 करोड़ था। मालिकाना हिस्सेदारों के खाते में दर्ज शुद्ध घाटा ₹215.24 करोड़ रहा।

परिचालन राजस्व में उल्लेखनीय सुधार देखा गया — जून तिमाही में यह 10.6% बढ़कर ₹2,025.56 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,831.46 करोड़ था। अन्य आय समेत कुल आय ₹2,081.58 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष ₹1,895 करोड़ थी।

खर्चों में बढ़ोतरी बनी बड़ी चुनौती

राजस्व वृद्धि के समानांतर खर्चों में भी तेज़ उछाल आया। तिमाही के दौरान कुल व्यय बढ़कर ₹2,395.45 करोड़ हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह ₹2,148.75 करोड़ था। आय की तुलना में खर्चों की यह अधिक वृद्धि ही घाटे के विस्तार की मुख्य वजह रही। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का फैशन और रिटेल क्षेत्र उपभोक्ता मांग में सुधार की उम्मीद लगाए बैठा है।

सेगमेंट-वार प्रदर्शन

कंपनी पर सबसे अधिक दबाव एथनिक वियर और अन्य व्यवसाय सेगमेंट में रहा। इस सेगमेंट का घाटा बढ़कर ₹188.54 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹178.82 करोड़ था। हालाँकि इस सेगमेंट का राजस्व ₹754.57 करोड़ से बढ़कर ₹830.79 करोड़ पहुँचा।

दूसरी ओर, पैंटालून्स कारोबार ने मामूली लाभ दर्ज किया। इस सेगमेंट का मुनाफा ₹3.48 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹3.67 करोड़ था — मामूली गिरावट के बावजूद यह एकमात्र लाभदायक खंड रहा। पैंटालून्स का राजस्व ₹1,094.13 करोड़ से बढ़कर ₹1,204.39 करोड़ हो गया। अंतर-सेगमेंट समायोजन से पहले कुल सेगमेंट राजस्व ₹2,035.18 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹1,848.70 करोड़ था।

शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया

नतीजों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ABFRL का शेयर लगभग सपाट रहा और ₹63.41 पर बंद हुआ। गौरतलब है कि बीते 52 सप्ताह में कंपनी के शेयर ने ₹94.95 का उच्चतम और ₹53.51 का न्यूनतम स्तर छुआ है — यानी शेयर अपने शिखर से करीब 33% नीचे कारोबार कर रहा है।

आगे की राह

ABFRL के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या वह एथनिक वियर सेगमेंट में लागत नियंत्रण और राजस्व वृद्धि के बीच संतुलन बना पाती है। त्योहारी सीज़न से पहले आने वाली अगली तिमाही में उपभोक्ता खर्च की दिशा कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य की अगली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन घाटा भी। एथनिक वियर सेगमेंट में ₹188 करोड़ से अधिक का नुकसान बताता है कि कंपनी की विस्तार रणनीति अभी तक लागत-कुशल नहीं बन पाई है। पैंटालून्स का मात्र ₹3.48 करोड़ का मुनाफा — जो पिछले वर्ष से भी कम है — यह संकेत देता है कि परिपक्व व्यवसाय भी गति खो रहा है। जब तक एथनिक वियर में परिचालन दक्षता नहीं आती, राजस्व वृद्धि के आँकड़े निवेशकों को आश्वस्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ABFRL का Q1 FY27 में शुद्ध घाटा कितना रहा?
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में समेकित शुद्ध घाटा सालाना 6.4% बढ़कर ₹248.73 करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹233.73 करोड़ था।
ABFRL का राजस्व Q1 में कितना रहा?
जून 2026 तिमाही में ABFRL का परिचालन राजस्व 10.6% बढ़कर ₹2,025.56 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹1,831.46 करोड़ था। अन्य आय समेत कुल आय ₹2,081.58 करोड़ रही।
घाटा बढ़ने की मुख्य वजह क्या रही?
राजस्व वृद्धि की तुलना में खर्चों में अधिक बढ़ोतरी घाटे का मुख्य कारण रही। तिमाही में कुल व्यय ₹2,148.75 करोड़ से बढ़कर ₹2,395.45 करोड़ हो गया। इसके अलावा एथनिक वियर सेगमेंट में ₹188.54 करोड़ का घाटा भी बड़ा दबाव बना।
पैंटालून्स सेगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहा?
पैंटालून्स ABFRL का एकमात्र लाभदायक सेगमेंट रहा, जिसने ₹3.48 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया — हालाँकि यह पिछले वर्ष के ₹3.67 करोड़ से थोड़ा कम है। इस सेगमेंट का राजस्व ₹1,094.13 करोड़ से बढ़कर ₹1,204.39 करोड़ पहुँचा।
NSE पर ABFRL के शेयर का हाल क्या है?
नतीजों के बाद NSE पर ABFRL का शेयर लगभग सपाट ₹63.41 पर बंद हुआ। बीते 52 सप्ताह में शेयर ₹94.95 के उच्चतम और ₹53.51 के न्यूनतम स्तर के बीच रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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