डोडला डेयरी का Q1 FY27 मुनाफा 42% गिरा, ₹40.64 करोड़ पर आया; रेवेन्यू रिकॉर्ड ₹1,197.94 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
डोडला डेयरी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 42 प्रतिशत घटकर ₹40.64 करोड़ रह गया, जो पिछली तिमाही में ₹69.80 करोड़ था। दूध की खरीद कीमतों में उछाल और रणनीतिक इन्वेंट्री निर्माण को कंपनी ने मुनाफे पर दबाव का मुख्य कारण बताया है।
रेवेन्यू में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की आय मजबूत रही। जून 2026 को समाप्त तिमाही में डोडला डेयरी का रेवेन्यू 19 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ₹1,197.94 करोड़ पर पहुँच गया। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, आने वाली तिमाहियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने रणनीतिक रूप से अधिक इन्वेंट्री तैयार की, जिससे लागत बढ़ी।
प्रबंधन का बयान
डोडला डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर डोडला सुनील रेड्डी ने कहा कि इन्वेंट्री बढ़ाने की यह रणनीति पूरे डेयरी उद्योग के रुझान के अनुरूप है। उन्होंने विश्वास जताया कि दूसरी तिमाही से दूध की कीमतों में सामान्य स्थिति लौटनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक गर्मी रहने के कारण कंपनी के वैल्यू एडेड प्रोडक्ट (VAP) पोर्टफोलियो — जिसमें दही, छाछ, लस्सी और आइसक्रीम शामिल हैं — की रिकॉर्ड बिक्री हुई। अब इन उत्पादों का योगदान कुल बिक्री का लगभग एक-तिहाई हो गया है।
बढ़ती लागत का असर
कंपनी का EBITDA पिछली तिमाही के ₹53.8 करोड़ से बढ़कर ₹64.9 करोड़ हो गया। हालाँकि, नए श्रम कानूनों के तहत ऑफ-रोल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू होने से कर्मचारी व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। तिमाही आधार पर कर्मचारियों पर खर्च ₹51.7 करोड़ से बढ़कर ₹55.7 करोड़ हो गया — यह 7.7 प्रतिशत की वृद्धि है। सालाना आधार पर यह बढ़ोतरी 18 प्रतिशत रही।
दूध खरीद और अफ्रीका कारोबार
इस तिमाही में डोडला डेयरी ने अब तक की सबसे अधिक दूध खरीद की — 21.1 लाख लीटर प्रतिदिन (LLPD), जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के अफ्रीका बिजनेस ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया — रेवेन्यू सालाना आधार पर 45.6 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें दूध की बिक्री में 52.3 प्रतिशत की वृद्धि का बड़ा योगदान रहा। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, परिचालन दक्षता में सुधार के चलते Q1 FY27 का ऑपरेटिंग मार्जिन पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में बेहतर रहा।
सिड्स फार्म में निवेश
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने D2C डेयरी ब्रांड 'सिड्स फार्म' में लगभग ₹11.6 करोड़ का प्राथमिक निवेश कर 2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी की प्रीमियम और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर सेगमेंट में विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाली तिमाहियों में दूध की कीमतों के सामान्य होने पर कंपनी की लाभप्रदता में सुधार की उम्मीद है।