DLF का Q1 FY27 राजस्व 53% गिरकर ₹1,280 करोड़, EBITDA में 59% की तीव्र गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
देश की अग्रणी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में समेकित राजस्व सालाना आधार पर 52.9 प्रतिशत की तीव्र गिरावट के साथ ₹1,280 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹2,717 करोड़ था। एक्सचेंज फाइलिंग में सामने आए ये आँकड़े कंपनी के परिचालन मोर्चे पर बढ़ते दबाव को उजागर करते हैं।
मुनाफे में मामूली बढ़त, परिचालन पर दबाव
राजस्व में भारी गिरावट के बावजूद डीएलएफ का समेकित शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 4.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ ₹794 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹763 करोड़ था। हालाँकि यह मुनाफे की वृद्धि परिचालन आधार पर नहीं, बल्कि अन्य आय मदों से आई प्रतीत होती है।
परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर स्थिति अधिक चिंताजनक रही। कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व की आय) 58.9 प्रतिशत की तीखी गिरावट के साथ ₹150 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹364 करोड़ था।
EBITDA मार्जिन में संकुचन
कंपनी का EBITDA मार्जिन भी Q1 FY27 में घटकर 11.7 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 13.4 प्रतिशत था। यह संकुचन संकेत देता है कि राजस्व में गिरावट का सीधा असर कंपनी की परिचालन लाभप्रदता पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में परियोजना-पूर्णता चक्र के कारण राजस्व में तिमाही-दर-तिमाही उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है, लेकिन 53 प्रतिशत की गिरावट असामान्य रूप से तीव्र है।
शेयर बाज़ार में निवेशकों का भरोसा कायम
कमज़ोर तिमाही नतीजों के बावजूद बाज़ार में डीएलएफ के शेयर ने सकारात्मक रुख बनाए रखा। सोमवार, 3 अगस्त को कंपनी का शेयर 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹668.55 पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर ₹660.60 से ₹670.90 के दायरे में रहा और ₹659.30 के पिछले बंद भाव की तुलना में ऊपर रहा। हालाँकि यह बढ़त उसी दिन निफ्टी इंडेक्स की 1.60 प्रतिशत की तेजी से कम रही।
पिछले बारह महीनों में कंपनी का शेयर ₹798.80 के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर और ₹489.40 के 52-सप्ताह के निचले स्तर को छू चुका है। वर्तमान में शेयर सालाना आधार पर लगभग 14 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। कंपनी का मौजूदा बाज़ार पूँजीकरण ₹1.94 लाख करोड़ है और प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 92.11 पर है, जो निवेशकों की दीर्घकालिक कमाई को लेकर उम्मीदों को दर्शाता है।
चेयरमैन राजीव सिंह का बयान
कंपनी की 61वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन राजीव सिंह ने कहा कि डीएलएफ के डेवलपमेंट और एन्युटी बिजनेस दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में विस्तार और विकास पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपने कारोबारी लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर आश्वस्त हैं, हालांकि वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर भी सावधानीपूर्वक नजर बनाए हुए हैं।' सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने स्थिरता बनाए रखी है और विश्व मंच पर एक मज़बूत एवं तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान कायम रखी है।
आगे क्या होगा
आलोचकों का कहना है कि राजस्व में इतनी तीव्र गिरावट यह सवाल उठाती है कि क्या कंपनी की परियोजना-डिलीवरी पाइपलाइन में कोई विलंब आया है। रियल एस्टेट विश्लेषकों के अनुसार, आगामी तिमाहियों में नई परियोजनाओं की हैंडओवर टाइमलाइन और प्री-सेल्स की गति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। कंपनी के मज़बूत ऑर्डर बुक और ब्रांड की साख को देखते हुए बाज़ार फिलहाल दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सकारात्मक बना हुआ है।