3एम इंडिया का Q2 मुनाफा 17.2% घटकर ₹158 करोड़, शेयर में 10% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
3एम इंडिया लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 17.2 प्रतिशत गिरकर ₹158 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹191 करोड़ था। नतीजे सामने आने के बाद 6 नवंबर 2026 को कंपनी के शेयर 10 प्रतिशत तक फिसल गए।
राजस्व में वृद्धि, लेकिन मुनाफे पर दबाव
तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री और अन्य परिचालन आय सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर ₹1,452 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,266 करोड़ थी। तिमाही आधार (QoQ) पर भी बिक्री 2.1 प्रतिशत बढ़ी — Q1FY27 में यह ₹1,423 करोड़ थी। हालाँकि राजस्व में सुधार दिखा, मुनाफे का प्रदर्शन निवेशकों को निराश करने वाला रहा।
EBITDA में भी संकुचन
दूसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 12.7 प्रतिशत घटकर ₹234 करोड़ रह गया। जून तिमाही (Q1FY27) में यह ₹268 करोड़ था। तिमाही आधार पर मुनाफे में भी 32 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई — Q1FY27 में शुद्ध लाभ ₹233 करोड़ था।
सेगमेंटवार प्रदर्शन
विभिन्न कारोबारी सेगमेंट में बिक्री वृद्धि का मिला-जुला चित्र रहा। ट्रांसपोर्टेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में 23.4 प्रतिशत, कंज्यूमर सेगमेंट में 19.5 प्रतिशत, सेफ्टी और इंडस्ट्रियल में 11.8 प्रतिशत और हेल्थकेयर में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि टॉप-लाइन ग्रोथ व्यापक आधार पर थी, लेकिन लागत का दबाव मुनाफे पर भारी पड़ा।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
कंपनी के प्रबंध निदेशक असीम जोशी ने नतीजों पर कहा कि कंपनी ने 'कमर्शियल और इनोवेशन में उत्कृष्टता पर लगातार ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक विकास हासिल किया है।' उन्होंने राजस्व वृद्धि को एक सकारात्मक संकेत बताया।
बोर्ड में बदलाव
नतीजों के साथ ही कंपनी ने बोर्ड स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की भी घोषणा की। नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कोंग साउ वाई एलिजाबेथ ने 6 नवंबर 2026 को कामकाज के घंटे समाप्त होने के साथ प्रभावी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा, 'मैं आपको सूचित करना चाहती हूं कि मैंने 6 नवंबर, 2026 को भारत में कामकाज के घंटे समाप्त होने के साथ 3एम इंडिया लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, क्योंकि मैं जल्द ही 3एम ग्रुप के बाहर एक नए पेशेवर अवसर की ओर जा रही हूं।' इस्तीफे के साथ ही वह बोर्ड की उन सभी समितियों से भी अलग हो गई हैं, जिनकी वह सदस्य थीं।
गौरतलब है कि 3एम इंडिया वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज 3M कंपनी की भारतीय इकाई है और इसका कारोबार उपभोक्ता उत्पाद से लेकर हेल्थकेयर तक फैला है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लागत प्रबंधन रणनीति और मार्जिन सुधार पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।