सपा सांसद अवधेश प्रसाद का ऐलान: 15 नवंबर की जनसम्मेलन रैली होगी ऐतिहासिक, सपा सरकार आते ही 24 घंटे में खत्म होगा अग्निवीर
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 6 नवंबर 2026 को अयोध्या में कहा कि 15 नवंबर को होने वाली जनसम्मेलन रैली ऐतिहासिक होगी और इसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी वादा किया कि यदि सपा सरकार सत्ता में आती है, तो अग्निवीर भर्ती व्यवस्था को 24 घंटे के भीतर समाप्त कर पुरानी नियमित सेना भर्ती प्रणाली बहाल की जाएगी।
जनसम्मेलन रैली का संकल्प
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 15 नवंबर की रैली में सभी मिलकर संकल्प लेंगे कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की रक्षा की जाएगी, देश में अमन-चैन कायम रखा जाएगा और शहीदों के सपनों का हिंदुस्तान बनाया जाएगा। उनके अनुसार इस रैली का प्रभाव केवल तात्कालिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक होगा।
भाजपा पर वोट अधिकार खत्म करने का आरोप
प्रसाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के वोट के अधिकार को समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि यह अधिकार डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के ज़रिए दिया है और इससे कीमती कोई दौलत नहीं है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के आरोप चुनावी माहौल में सपा की रणनीतिक लामबंदी का हिस्सा हैं, हालाँकि भाजपा ने ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
अग्निवीर व्यवस्था पर सपा का रुख
अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार की अग्निवीर भर्ती योजना पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि किसी युवा का बेटा 20 वर्ष की उम्र में सेना में जाए और 26 वर्ष में वापस लौटे, तो उसके बाद उसके भविष्य का कोई ठोस आधार नहीं रहता। उन्होंने इसे सेना के सम्मान के विरुद्ध बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा की सरकार बनने पर पुरानी भर्ती व्यवस्था बहाल होगी, जिसमें सेवानिवृत्ति की आयु तय होती है, न कि प्रारंभिक सेवा अवधि की कोई बाध्यता।
राष्ट्रीय एकता पर जोर
इरफान अंसारी के किसी बयान पर टिप्पणी करते हुए प्रसाद ने कहा कि देश पर जब भी संकट आया है, देशवासियों ने एकमत होकर एकता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा, ‘अनेकता में एकता’ का सूत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यह हमेशा मजबूत रहेगा। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों में जनसम्मेलन को लेकर तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।
सेना के प्रति सम्मान का संकल्प
सपा सांसद ने जोर दिया कि उनकी पार्टी भारतीय सेना को गौरव का प्रतीक मानती है और सरकार बनने पर सेना के सम्मान को और अधिक बढ़ाने का काम किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर दिए गए इस बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में 15 नवंबर की जनसम्मेलन रैली सपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक कसौटी साबित होगी।