6 नवंबर 2026
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इमरान खान का ब्लड प्रेशर 192 पहुँचा, PTI ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से तत्काल दखल माँगा

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इमरान खान का ब्लड प्रेशर 192 पहुँचा, PTI ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से तत्काल दखल माँगा

सारांश

इमरान खान का ब्लड प्रेशर 192 पहुँचने की रिपोर्टों के बाद PTI ने इसे 'चिकित्सकीय आपात' घोषित कर दिया है। पार्टी ने चीफ जस्टिस से अदालती आदेश लागू कराने और उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने की माँग की है — अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व PM की सेहत एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।

मुख्य बातें

PTI की कोर कमेटी ने 6 नवंबर 2026 को बैठक कर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को 'गंभीर मानवीय और चिकित्सकीय आपात' करार दिया।
रिपोर्टों के अनुसार इमरान खान का रक्तचाप 192 तक पहुँच गया है; उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिल रहीं।
PTI ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से इलाज संबंधी अदालती आदेश तत्काल लागू कराने की माँग की।
कमेटी ने सरकार से इमरान खान को निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति और शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने की माँग की।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं; PTI इनके मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कोर कमेटी ने 6 नवंबर 2026 को पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर गहरी चिंता जताई और पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से उनके इलाज से संबंधित अदालती आदेशों को तत्काल लागू कराने की माँग की। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बैठक उन खबरों के बाद बुलाई गई जिनमें दावा किया गया था कि इमरान खान का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) 192 तक पहुँच गया है।

कोर कमेटी की बैठक और मुख्य माँगें

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के बाद जारी बयान में PTI की कोर कमेटी ने इस स्थिति को 'गंभीर मानवीय और चिकित्सकीय आपात' करार दिया। कमेटी का कहना है कि इमरान खान को जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं और उनके परिवार के सदस्यों तथा निजी डॉक्टरों को उनसे मिलने से रोका जा रहा है।

कमेटी ने सरकार से तीन प्रमुख माँगें रखीं: इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति, बिना किसी देरी के ज़रूरी मेडिकल जाँच और डायग्नोस्टिक टेस्ट, और विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजा जाए।

कमेटी का आधिकारिक बयान

PTI की कोर कमेटी ने अपने बयान में कहा, 'कमेटी ने सर्वसम्मति से तय किया है कि इमरान खान की सेहत और जीवन की रक्षा एक बेहद ज़रूरी मानवीय मुद्दा है। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही, देरी या गैर-जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जा सकती। उनकी सेहत को सिर्फ राजनीतिक या कानूनी विवाद के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय और चिकित्सकीय आपात स्थिति के रूप में देखा जाना चाहिए।'

पार्टी ने अपने नेताओं, पदाधिकारियों और संगठनों से यह भी कहा कि वे संसद, प्रांतीय विधानसभाओं और अन्य मंचों पर इमरान खान की सेहत, इलाज और अधिकारों का मुद्दा पूरी ताकत से उठाएँ।

चीफ जस्टिस से दखल की अपील

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, PTI की कोर कमेटी ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि इमरान खान के इलाज से संबंधित अदालती आदेशों को तत्काल लागू कराया जाए। कमेटी ने इस मामले को इसकी 'विशेष मानवीय अहमियत' के मद्देनज़र तुरंत ध्यान दिए जाने की माँग की।

पीटीआई का तर्क है कि अदालती आदेशों को लागू करना संबंधित सरकारी और प्रशासनिक संस्थाओं की संवैधानिक और कानूनी ज़िम्मेदारी है। पार्टी ने पाकिस्तान के लोगों और विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों से भी अपील की कि वे इमरान खान की सुरक्षा के लिए 'तुरंत और जोरदार तरीके' से आवाज़ उठाएँ।

इमरान खान की कैद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई गई है, जिन्हें PTI राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताती है। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर कई मामले दर्ज हुए — इनमें सरकारी उपहारों से जुड़े आरोप और कथित अवैध विवाह के मामले शामिल हैं।

यह पहली बार नहीं है जब PTI ने जेल में इमरान खान की सेहत पर सवाल उठाए हों — पार्टी के नेताओं का कहना है कि हिरासत के दौरान उनकी शारीरिक स्थिति लगातार खराब हुई है। यह मसला पाकिस्तान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विपक्षी नेताओं के साथ सलूक पर चल रही बहस के बीच और भी संवेदनशील हो गया है।

आगे क्या होगा

चीफ जस्टिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तानी सरकार ने भी PTI की माँगों पर सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। आने वाले दिनों में अदालत का रुख और सरकार की प्रतिक्रिया ही यह तय करेगी कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भेजा जाएगा या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन PTI के अनुसार वे लागू नहीं हो रहे। ऐसे में चीफ जस्टिस की चुप्पी या सक्रियता — दोनों ही राजनीतिक संदेश देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में सेना और न्यायपालिका के बीच संबंध और असैन्य राजनीतिक बंदियों के साथ सलूक पर अंतरराष्ट्रीय दबाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान की सेहत को लेकर PTI ने क्या चिंता जताई है?
PTI की कोर कमेटी ने कहा है कि इमरान खान का ब्लड प्रेशर 192 तक पहुँच गया है और उन्हें जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं। पार्टी ने इसे 'गंभीर मानवीय और चिकित्सकीय आपात स्थिति' बताया है और निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति माँगी है।
PTI ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से क्या माँग की है?
PTI ने चीफ जस्टिस से अनुरोध किया है कि इमरान खान के इलाज से संबंधित पहले से दिए गए अदालती आदेशों को तत्काल लागू कराया जाए। कमेटी ने इस मामले को इसकी 'विशेष मानवीय अहमियत' के मद्देनज़र तुरंत ध्यान दिए जाने की माँग की है।
इमरान खान जेल में कब से हैं और किन मामलों में?
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर सरकारी उपहारों और कथित अवैध विवाह सहित कई मामले दर्ज हैं। PTI इन सभी मामलों को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताती है।
PTI ने इमरान खान के इलाज के लिए कौन-सी माँगें रखी हैं?
PTI ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं: इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति, बिना देरी के ज़रूरी मेडिकल जाँच और डायग्नोस्टिक टेस्ट, तथा विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भेजा जाना।
पाकिस्तान सरकार और चीफ जस्टिस ने PTI की माँगों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अब तक न पाकिस्तान सरकार ने और न ही चीफ जस्टिस ने PTI की माँगों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। आने वाले दिनों में न्यायपालिका का रुख इस मसले की दिशा तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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