नेपाल में भारत के नए राजदूत सुधाकर दलेला ने राष्ट्रपति पौडेल को सौंपे परिचय पत्र, द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने पर ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ भारतीय राजनयिक सुधाकर दलेला ने 6 नवंबर 2026 को काठमांडू स्थित राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवास में आयोजित एक औपचारिक समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को भारत के राजदूत के रूप में अपना परिचय पत्र सौंपा। यह समारोह ऐसे समय में हुआ जब भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊर्जा देने के लिए दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक सक्रियता तेज़ हुई है।
नए राजदूत का परिचय
सुधाकर दलेला भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1993 बैच के अधिकारी हैं। नेपाल में पदभार संभालने से पूर्व वे भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) में आर्थिक संबंध सचिव के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उनका व्यापक अनुभव ऐसे समय में अत्यंत प्रासंगिक है जब भारत-नेपाल के बीच ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।
विदेश सचिव मिस्री की काठमांडू यात्रा
परिचय पत्र सौंपे जाने से एक दिन पहले, 5 नवंबर 2026 को, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से मुलाकात की। बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-नेपाल संबंधों के विभिन्न पहलुओं और द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत सरकार द्वारा तत्काल भेजी गई राहत सामग्री और बचाव दलों के लिए आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई एकजुटता के प्रति भी धन्यवाद दिया और खेल विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
विदेश सचिव मिस्री ने प्रधानमंत्री शाह को उनकी आगामी भारत यात्रा की तैयारियों और ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, ट्रांजिट तथा विमानन क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या-जनकपुर रेलवे सेवा का ट्रायल रन उसी दिन सफलतापूर्वक पूरा किया गया — जो दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उच्च-स्तरीय बैठकों की श्रृंखला
विदेश सचिव मिस्री ने अपनी काठमांडू यात्रा के दौरान नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ तथा अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लम्साल से भी मुलाकात की। बुधवार को दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई।
इसके अलावा, मिस्री ने सांसदों के एक समूह से भी मुलाकात की, जिनमें भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन संसदीय समिति के सदस्य शामिल थे।
सहयोग के नए आयाम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाली नेतृत्व ने रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित मानवीय और तकनीकी सहायता की सराहना की। दोनों पक्षों ने माना कि व्यापार, जलविद्युत, सड़क और रेल संपर्क, सीमा प्रबंधन तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है।
गौरतलब है कि स्टार्टअप्स, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और खेल जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग के अवसर तेज़ी से उभर रहे हैं। यह भारत-नेपाल संबंधों के परंपरागत ढाँचे से आगे बढ़कर तकनीकी साझेदारी की दिशा में एक सार्थक कदम है।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाती है। नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के परिणामों और नई पहलों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है, और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को हर स्तर पर और मज़बूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।