सुधाकर दलेला नेपाल में भारत के नए राजदूत नियुक्त, 1993 बैच के IFS अधिकारी जल्द संभालेंगे कार्यभार
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वरिष्ठ राजनयिक एवं आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी दलेला शीघ्र ही अपना कार्यभार संभालेंगे।
नियुक्ति का विवरण
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, सुधाकर दलेला (IFS: 1993) वर्तमान में मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वह नवीन श्रीवास्तव का स्थान लेंगे, जिन्होंने नेपाल में भारत के राजदूत के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है। श्रीवास्तव ने 25 जून 2022 को काठमांडू में कार्यभार संभाला था।
विदाई मुलाकात और द्विपक्षीय संबंध
नवीन श्रीवास्तव ने 16 सितंबर को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से विदाई मुलाकात की। नेपाल के विदेश मंत्री के सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, खनाल ने श्रीवास्तव को कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और नेपाल-भारत संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके योगदान की सराहना की।
इस मुलाकात में खनाल ने ऊर्जा, व्यापार, बुनियादी ढाँचे और संपर्क सुविधाओं के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को मज़बूत बनाने के प्रयासों को भी रेखांकित किया।
भोटेकोशी बाढ़ पर भारत के सहयोग की सराहना
नेपाल के विदेश मंत्री ने भीषण भोटेकोशी नदी बाढ़ के बाद भारत की ओर से दिखाई गई एकजुटता के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने आपदा के पश्चात खोज, बचाव और राहत अभियानों में भारत द्वारा तत्काल प्रदान की गई सहायता की प्रशंसा की।
श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल में नेपाल सरकार की ओर से मिले सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उनकी नेपाल में नियुक्ति से पूर्व वह विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया प्रभाग के प्रमुख थे, जो चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया और उत्तर कोरिया के साथ भारत के संबंधों का संचालन करता है।
यमन में भी नई नियुक्ति
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने बताया कि सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल (IFS: 1998) को यमन गणराज्य में भारत का अगला राजदूत भी नियुक्त किया गया है। विपुल रियाद में रहते हुए यमन में भी राजदूत की ज़िम्मेदारी संभालेंगे और शीघ्र ही यह कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारत-नेपाल संबंध ऊर्जा साझेदारी, सीमा प्रबंधन और जल संसाधन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केंद्रित रहे हैं। दलेला का आर्थिक संबंधों में विशेषज्ञ होना इस परिप्रेक्ष्य में महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके शीघ्र कार्यभार संभालने के बाद द्विपक्षीय सहयोग की नई दिशा स्पष्ट होगी।