अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सोना तस्करी: ट्रॉली बैग की पट्टियों में पेंच से छिपाए 282 ग्राम सोने के तार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (SVPIA) पर कस्टम अधिकारियों ने 15 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी से आए एक यात्री के तीन ट्रॉली बैगों से 282.910 ग्राम 24 कैरेट सोना जब्त किया, जिसकी बाज़ार कीमत ₹42.49 लाख आंकी गई है। यह सोना धातु की पट्टियों के अंदर पेंच से कसकर छिपाए गए छह सोने के तारों के रूप में बरामद हुआ — जिन पर सफेद रोडियम की परत चढ़ाई गई थी ताकि वे आसानी से पकड़ में न आएं।
कैसे हुई कार्रवाई
अहमदाबाद कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर 15 अक्टूबर को संदिग्ध यात्री के सामान की बारीकी से जांच की गई। तीनों ट्रॉली बैगों में धातु की पट्टियां पेंच से कसी हुई मिलीं।
जब इन पट्टियों को खोला गया, तो प्रत्येक पट्टी के भीतर से दो-दो सोने के तार निकले — कुल मिलाकर छह तार। इन तारों पर रोडियम की सफेद परत चढ़ाई गई थी, जो स्कैनिंग के दौरान सोने को अन्य धातु जैसा दिखाने की कोशिश थी।
जब्त सोने का विवरण
बरामद सोना 24 कैरेट शुद्धता का था, जिसका कुल वजन 282.910 ग्राम दर्ज किया गया। आधिकारिक आकलन के अनुसार इसकी बाज़ार कीमत ₹42,49,308 है। इसे कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत विधिवत जब्त किया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सोना तस्करी का बढ़ता चलन
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ महीनों में SVPIA पर सोना तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अगस्त में कस्टम अधिकारियों ने दुबई से आए एक यात्री के पास से 350 ग्राम से अधिक सोना जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब ₹36.59 लाख थी — वह भी एक ट्रॉली बैग में छिपाया गया था।
अगस्त के ही एक अन्य मामले में AIU ने अबू धाबी, शारजाह और कुवैत से आए यात्रियों के तीन अलग-अलग मामलों में 299.5 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए, जिनमें चेन और चूड़ियाँ शामिल थीं और जिनकी कीमत ₹49.23 लाख थी।
जून में सबसे बड़ी जब्ती सामने आई थी, जब दुबई से आए एक विमान के अगले शौचालय में स्पीकर बॉक्स के भीतर छिपाए गए 2,799.3 ग्राम 24 कैरेट सोने के बिस्कुट बरामद हुए थे, जिनकी कीमत करीब ₹4.27 करोड़ थी। उस अभियान में विमान इंजीनियरों का भी सहयोग लिया गया था।
जांच और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार ताज़ा मामले में जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि क्या इस तस्करी नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे। सामान में गुप्त खाने बनाकर या रासायनिक लेप चढ़ाकर सोना छिपाने की तकनीकें तस्करों के बीच तेज़ी से आम होती जा रही हैं।
कस्टम्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर हाई-रिस्क उड़ानों पर निगरानी को और कड़ा किया जाएगा, विशेषकर खाड़ी देशों से आने वाले यात्रियों पर। मामले में आगे की जांच से इस तस्करी की पूरी कड़ी उजागर होने की उम्मीद है।