अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुर्के में छिपा ₹34.29 लाख का सोना जब्त, अबू धाबी से आई महिला यात्री पकड़ी
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने 16 जुलाई 2026 को अबू धाबी से आई एक महिला यात्री के बुर्के के भीतर छिपे 233 ग्राम 24 कैरेट सोने के दो टीटी बार बरामद किए, जिनकी बाज़ार कीमत ₹34,29,216 आँकी गई है। अधिकारियों के अनुसार यह जब्ती यात्री की प्रोफाइलिंग के आधार पर की गई और सोने को कथित तौर पर कस्टम ड्यूटी से बचाने के इरादे से छिपाया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
फ्लाइट 3एल-111 से अबू धाबी से उतरी महिला यात्री को AIU अधिकारियों ने प्रोफाइलिंग के आधार पर रोका। तलाशी में बुर्के के अंदर छिपे 24 कैरेट के दो सोने के टीटी बार मिले, जिनका कुल वज़न 233 ग्राम था। सोने को कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत तत्काल जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने कहा, 'कथित तौर पर कस्टम ड्यूटी से बचने के इरादे से सोना छिपाया गया था।' तस्करी के हालात और नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जाँच जारी है।
हालिया जब्तियों की श्रृंखला
यह मामला अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हाल के हफ्तों में पकड़ी गई सोने की तस्करी की घटनाओं की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। 7 जुलाई को AIU ने अबू धाबी से ही आई एक अन्य महिला यात्री के हैंडबैग और कपड़ों के नीचे से 729 ग्राम सोने के गहने बरामद किए थे, जिनकी कीमत ₹98.78 लाख थी। उस मामले में जाँच अभी जारी है।
इससे पहले 12 जून को अहमदाबाद कस्टम्स ने हाल के समय की अपनी सबसे बड़ी जब्तियों में से एक को अंजाम दिया — दुबई-अहमदाबाद फ्लाइट के टॉयलेट स्पीकर कम्पार्टमेंट से 2,799.3 ग्राम वज़न के 24 विदेशी सोने के बिस्कुट बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग ₹4.27 करोड़ थी। अधिकारियों ने कहा कि सामान छिपाने के तरीके से संगठित तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।
तस्करी के तरीके और पैटर्न
तीनों मामलों में खाड़ी देशों — मुख्यतः अबू धाबी और दुबई — से आने वाली फ्लाइटें शामिल हैं। कपड़ों में सोना छिपाना, हैंडबैग में गहने रखना और विमान के भीतरी हिस्सों का इस्तेमाल करना — ये तरीके एक सुनियोजित तस्करी पैटर्न की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रोफाइलिंग-आधारित निगरानी ने इन मामलों को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
जब्त सोने को कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत सीज़ किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तस्करी नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है। अगले कदम के रूप में संभावित सहयोगियों और आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल की जाएगी।