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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: गुजरात में ₹19.41 करोड़ का 13 किलो विदेशी सोना जब्त, तस्करी गैंग के 3 गिरफ्तार

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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: गुजरात में ₹19.41 करोड़ का 13 किलो विदेशी सोना जब्त, तस्करी गैंग के 3 गिरफ्तार

सारांश

DRI ने 42 घंटे की छापेमारी में गुजरात के अहमदाबाद-सूरत एयरपोर्ट रूट से संचालित सोना तस्करी गैंग का पर्दाफाश किया — ₹19.41 करोड़ का सोना जब्त, 3 गिरफ्तार और दुबई स्थित फाइनेंसर तक पहुँचती जाँच। रोडियम-कोटेड तार से लेकर ज्वेलरी दुकान तक पूरी चेन एक्सपोज़।

मुख्य बातें

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ₹19.41 करोड़ मूल्य का 13.017 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया।
16 अक्टूबर 2026 से 42 घंटे तक चली छापेमारी में अहमदाबाद , सूरत और वडोदरा में कई स्थानों पर कार्रवाई हुई।
तस्करी के तरीकों में रोडियम-कोटेड सोने के तार, बैग की अंदरूनी परत और सोने का पेस्ट शामिल थे।
वडोदरा में अवैध सोना पिघलाने की यूनिट को दुबई स्थित फाइनेंसर का समर्थन प्राप्त था।
कस्टम एक्ट, 1962 के तहत 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार; नेटवर्क में यात्री, हैंडलर, बिचौलिए और ज्वेलर्स शामिल।
लगभग 890 ग्राम सोना सीधे जब्त; 6.41 किलोग्राम पिघलाए गए सोने के साक्ष्य बरामद।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अहमदाबाद में एक बड़े संगठित सोना तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ₹19.41 करोड़ मूल्य का 13.017 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क गुजरात के अहमदाबाद और सूरत एयरपोर्ट के जरिए संचालित हो रहा था, और इसकी जड़ें दुबई तक फैली हुई थीं।

ऑपरेशन का विवरण

पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर DRI अधिकारियों ने 16 अक्टूबर 2026 से लगातार 42 घंटे तक कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस संयुक्त अभियान में तस्करी के पूरे तंत्र को उजागर किया गया — हवाई यात्रियों द्वारा सोना लाना, एयरपोर्ट के बाहर हैंडलर्स को सौंपना, वडोदरा में अवैध सोना पिघलाने की यूनिट और अंत में अहमदाबाद की एक ज्वेलरी दुकान के जरिए नकद में बिक्री।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई सोने की तस्करी के हर चरण — छिपाने से लेकर बाज़ार में बेचने तक — को एक साथ निशाना बनाने वाली दुर्लभ कार्रवाइयों में से एक है।

छिपाने के तरीके

जाँच में सामने आया कि तस्कर अत्यंत परिष्कृत तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। इनमें रोडियम की परत चढ़े सोने के पतले तार, ट्रॉली बैग की अंदरूनी परत में छिपाया गया सोना, और बैग के भीतर सोने का पेस्ट बनाकर लाना शामिल था।

भारत पहुँचने के बाद यह सोना एयरपोर्ट के बाहर हैंडलर्स को सौंप दिया जाता था, जो आगे इसे बिचौलियों के जरिए वडोदरा की अवैध पिघलाने वाली यूनिट तक पहुँचाते थे।

दुबई कनेक्शन और वित्तपोषण

DRI के अनुसार, वडोदरा की अवैध सोना पिघलाने वाली यूनिट को दुबई में बैठे एक फाइनेंसर का समर्थन प्राप्त था। इसके अलावा, बरामद रिकॉर्डों से पता चलता है कि लगभग 5.8 किलोग्राम तस्करी का सोना एक अलग हैंडलर के जरिए आया था, जो सीधे इसी दुबई स्थित सिंडिकेट के मुख्य फाइनेंसर से जुड़ा था।

यह ऐसे समय में आया है जब सीमा शुल्क अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों में खाड़ी देशों से भारतीय हवाई अड्डों के रास्ते सोने की तस्करी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

मुख्य बरामदगी

संयुक्त अभियान के दौरान लगभग 890 ग्राम सोना सीधे जब्त किया गया। 6.41 किलोग्राम अवैध रूप से पिघलाए गए सोने से जुड़े अहम साक्ष्य बरामद हुए। ज्वेलरी दुकान की तलाशी में बिना दस्तावेज वाले विदेशी मूल के सोने के बिस्कुट और लेन-देन के रिकॉर्ड मिले।

कस्टम एक्ट, 1962 के तहत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में यात्रियों, हैंडलरों, बिचौलियों, सोना पिघलाने वाले ऑपरेटरों और ज्वेलर्स की मिलीभगत उजागर हुई है।

आगे की जाँच

DRI ने कहा है कि यह कार्रवाई सोने की तस्करी के संगठित नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। एजेंसी दुबई स्थित फाइनेंसर और नेटवर्क की अन्य कड़ियों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बहु-स्तरीय रैकेट अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना पूरी तरह नहीं तोड़े जा सकते।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बहु-स्तरीय उद्यम। असली सवाल यह है कि दुबई का फाइनेंसर अभी भी बाहर है — जब तक अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग से उसकी धरपकड़ नहीं होती, नेटवर्क फिर सक्रिय हो सकता है। घरेलू ज्वेलरी बाज़ार में अनदस्तावेज सोने की उपलब्धता एक गहरी संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करती है, जिस पर नीतिगत ध्यान अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने गुजरात में कितना सोना जब्त किया और इसकी कीमत क्या है?
DRI ने इस ऑपरेशन में कुल 13.017 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया, जिसकी बाज़ार कीमत लगभग ₹19.41 करोड़ आंकी गई है। इसमें 890 ग्राम सीधे जब्त सोना और 6.41 किलोग्राम अवैध रूप से पिघलाए गए सोने के साक्ष्य शामिल हैं।
तस्कर सोना छिपाने के लिए क्या तरीके इस्तेमाल करते थे?
जाँच के अनुसार तस्कर रोडियम की परत चढ़े सोने के पतले तार, ट्रॉली बैग की अंदरूनी परत में छिपाया गया सोना और बैग के अंदर सोने का पेस्ट बनाकर लाते थे। ये तकनीकें सामान्य स्कैनिंग को चकमा देने के लिए डिज़ाइन की गई थीं।
इस तस्करी नेटवर्क में दुबई का क्या रोल था?
DRI के अनुसार वडोदरा की अवैध सोना पिघलाने वाली यूनिट को दुबई में बैठे एक फाइनेंसर का समर्थन प्राप्त था। लगभग 5.8 किलोग्राम तस्करी का सोना एक हैंडलर के जरिए आया जो इसी दुबई स्थित सिंडिकेट के मुख्य फाइनेंसर से जुड़ा था।
इस मामले में गिरफ्तारी किस कानून के तहत हुई और कितने लोग पकड़े गए?
तीन मुख्य आरोपियों को कस्टम एक्ट, 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस नेटवर्क में यात्री, हैंडलर, बिचौलिए, सोना पिघलाने वाले ऑपरेटर और ज्वेलर्स सभी की मिलीभगत सामने आई है।
डीआरआई का यह ऑपरेशन कब और कहाँ चलाया गया?
यह ऑपरेशन 16 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ और लगातार 42 घंटे तक चला। छापेमारी गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में एक साथ कई स्थानों पर की गई।
राष्ट्र प्रेस
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