एयर इंडिया फ्लाइट AI-2030 की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, स्क्वॉक 7500 हाईजैक कोड से मचा हड़कंप
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई-2030 को बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह कथित हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्क्वॉक 7500 ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित होने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड में आ गईं और विमान को दिल्ली की जगह जयपुर की ओर मोड़ दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं।
घटनाक्रम: कब और कैसे मिला अलर्ट
रिपोर्टों के अनुसार, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सुबह लगभग 9 बजे कुछ सेकंड के लिए एक इमरजेंसी सिग्नल प्राप्त हुआ। यह संकेत तब मिला जब विमान भारतीय हवाई क्षेत्र के करीब पहुँच रहा था। इसके लगभग दस मिनट बाद, 9:10 बजे, विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया।
विमान ने सुबह लगभग 9:45 बजे जयपुर हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को आइसोलेशन बे क्षेत्र में ले जाया गया, जहाँ विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने गहन जाँच शुरू की।
स्क्वॉक 7500 कोड क्या है
विमानन क्षेत्र में स्क्वॉक 7500 एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका उपयोग पायलट किसी संभावित हाईजैकिंग या विमान में अवैध हस्तक्षेप की स्थिति की सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल को गोपनीय रूप से देने के लिए करते हैं। यह कोड इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे बिना किसी मौखिक संचार के सक्रिय किया जा सकता है, ताकि खतरे की स्थिति में किसी को भनक न लगे।
गौरतलब है कि इस कोड के प्रसारण के बाद संबंधित देश की सुरक्षा एजेंसियाँ स्वतः ही उच्च-सतर्कता प्रोटोकॉल के तहत कार्यवाही शुरू कर देती हैं। यही कारण था कि अहमदाबाद एटीसी से लेकर जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन तक सभी तुरंत हरकत में आ गए।
यात्रियों की स्थिति और तत्काल राहत कार्य
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया। किसी के घायल होने या किसी प्रकार की भौतिक क्षति की सूचना नहीं है। हालाँकि, लैंडिंग के बाद कुछ समय तक यात्रियों के बीच चिंता का माहौल रहा, जिसे सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने नियंत्रित रखा।
जाँच जारी: तकनीकी खराबी या वास्तविक खतरा
लैंडिंग के बाद तक किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई थी। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि स्क्वॉक 7500 कोड किन परिस्थितियों में सक्रिय हुआ — यह तकनीकी खराबी थी, गलती से सक्रिय हुआ कोड था, या कोई वास्तविक सुरक्षा खतरा था। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सुरक्षा निगरानी पहले से कड़ी है।
घटना के समय तक एयर इंडिया और जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। जाँच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।