क्या संघ प्रमुख मोहन भागवत की 3 संतान वाली सलाह पर यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय का बयान है सही?

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क्या संघ प्रमुख मोहन भागवत की 3 संतान वाली सलाह पर यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय का बयान है सही?

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की तीन संतान वाली सलाह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं की स्थिति पर सवाल उठाए और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर भी टिप्पणी की। क्या यह बयान राजनीति में नई बहस को जन्म देगा?

मुख्य बातें

मोहन भागवत की सलाह पर अजय राय की तीखी प्रतिक्रिया।
संघ के सदस्यों की स्थिति पर सवाल उठाना।
भाजपा और संघ के बीच जटिल संबंध।
युवाओं के लिए रोजगार की आवश्यकता पर जोर।
नेशनल हेराल्ड मामले में गंभीर आरोप।

वाराणसी, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हर परिवार में तीन बच्चे होने की सलाह पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को यह नसीहत अपने संगठन के लोगों को देनी चाहिए।

राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि संघ के सदस्य अविवाहित रहते हैं, और संघ प्रमुख को पहले संघ के स्वयंसेवकों के लिए शादी और परिवार शुरू करने के दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के 75 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट वाले बयान पर उन्होंने कहा कि वे अपनी बात से पलट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मार्गदर्शक मंडल का निर्माण किया था, जिसमें 75 साल से ऊपर के नेताओं को भेजा गया था। लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को सक्रिय राजनीति से हटा कर मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया।

राय ने व्यंग्य किया कि मोदी, जो कभी आडवाणी और जोशी के शिष्य थे, अब स्वयं इस नियम से पीछे हट रहे हैं, क्योंकि वे 75 साल की उम्र में भी प्रधानमंत्री बने रहना चाहते हैं।

उन्होंने संघ को एक चतुर संगठन करार दिया और आरोप लगाया कि यह पर्दे के पीछे से सारे काम संचालित करता है। जब कुछ सकारात्मक होता है, तो भाजपा उसका श्रेय लेती है, जबकि नकारात्मक मुद्दों पर संघ खुद को अलग कर लेता है। संघ के प्रवक्ता और प्रचारक सकारात्मक कार्यों की जिम्मेदारी लेने में सबसे आगे रहते हैं, लेकिन नकारात्मक मामलों से दूरी बनाए रखते हैं।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण पद, जैसे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर महामंत्री (संगठन), हमेशा संघ से जुड़े लोगों को दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, बी.एल. संतोष का उल्लेख किया, जो संघ के प्रचारक रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे पर उन्होंने कहा कि वे अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कारण चिंतित हैं। राय का कहना था कि भारत के युवाओं को बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए; उन्हें रोजगार चाहिए, क्योंकि आज भारत के युवाओं का भविष्य अंधकार में डूबता हुआ नजर आ रहा है।

नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर राय ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुनियोजित तरीके से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके कांग्रेस को बदनाम करने का प्रयास किया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायपालिका इस मामले में न्याय करेगी और सच्चाई सामने आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस अध्यक्ष का यह कहना कि संघ को अपने सदस्यों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, यह भी ध्यान देने योग्य है कि संघ का काम क्या है और वे कैसे राजनीति को प्रभावित करते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने तीन बच्चों की सलाह क्यों दी?
मोहन भागवत ने यह सलाह परिवारों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए दी है, ताकि जनसंख्या संतुलन बनाए रखा जा सके।
अजय राय का इस पर क्या कहना है?
अजय राय ने कहा कि मोहन भागवत को यह सलाह अपने संगठन के लोगों को देनी चाहिए और संघ के सदस्यों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
क्या संघ और भाजपा के बीच संबंध अच्छे हैं?
संघ और भाजपा के बीच संबंध जटिल हैं। संघ का कार्य भाजपा को मार्गदर्शन देना है, लेकिन कई बार दोनों के बीच मतभेद भी होते हैं।
युवाओं के लिए अजय राय क्या सुझाव देते हैं?
अजय राय का कहना है कि युवाओं को बुलेट ट्रेन की जरूरत नहीं है, उन्हें रोजगार चाहिए।
नेशनल हेराल्ड मामले में अजय राय का क्या कहना है?
अजय राय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने कांग्रेस को बदनाम करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया है।
राष्ट्र प्रेस
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