क्या लोगों से वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है: अजय राय?
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
- उत्तर प्रदेश के वोटरों का अपमान
- 3 करोड़ वोट काटने का दावा
- भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल
- लोकतंत्र की रक्षा की आवश्यकता
गोरखपुर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने एसआईआर की ड्राफ्ट सूची जारी होने पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोगों से वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है।
गोरखपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय ने कहा कि एसआईआर में सीधे तौर पर उल्लंघन हुआ है। उत्तर प्रदेश के लोगों का वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है। उत्तर प्रदेश के भविष्य के साथ छेड़छाड़ की गई है। वोटरों का अपमान किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक महीने के कार्यकाल में यह देखा गया कि कुछ बीएलओ ने आत्महत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश में अत्याचार कर रहे हैं और वोटरों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें वापस जोड़ा जाना चाहिए। अजय राय ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में करीब 3 करोड़ वोट काट दिए गए हैं। क्या यह शुद्धिकरण है या विपक्ष के वोटरों को साफ करने की साजिश? लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने का यह नया तरीका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के बारे में अजय राय ने कहा कि जब तक भाजपा अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदलती है, कुछ भी नहीं बदलने वाला है। यूपी में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद रोजगार और व्यापार नहीं दे पाए हैं। कानून की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जनता सब कुछ देख रही है और भाजपा से अब कुछ नहीं होने वाला है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले में अजय राय ने कहा कि उनसे मुलाकात नहीं हुई है। उन्हें जेल में परेशान किया गया, खाना नहीं दिया गया और आइसोलेशन में रखा गया, जिससे उन्हें बहुत परेशानी हुई। अगर उन्हें कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी सीएम योगी आदित्यनाथ की होगी।
जेएनयू परिसर में लगे विवादित नारे पर अजय राय ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ प्रोपेगेंडा फैलाने में लगे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के मारे जाने पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। सरकार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करती है। भारत में कैसे हिन्दू-मुसलमान हों, बस इस पर राजनीति करनी है।