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मालेगांव में सरकारी दफ्तर में नमाज पढ़ने पर 7 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

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मालेगांव में सरकारी दफ्तर में नमाज पढ़ने पर 7 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

सारांश

मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग कार्यालय में नमाज पढ़ने के विवाद ने नासिक पुलिस को कार्रवाई के लिए मजबूर किया। 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जानें इस घटना के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

मालेगांव में नमाज पढ़ने की घटना से सरकारी कार्य में बाधा की गंभीरता सामने आई है।
7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना कानून के शासन की पहचान है।
इस मामले ने आपसी सम्मान और सहिष्णुता की आवश्यकता को उजागर किया है।

नासिक, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग कार्यालय में नमाज पढ़ने की घटना के बाद नासिक पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

बिजली विभाग कार्यालय में वायरमैन के पद पर तैनात महेंद्र रघुनाथ सावंत ने पुलिस में शिकायत दी कि कई लोगों ने कार्यालय में आकर यहां नमाज पढ़ी और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। बिजली विभाग के कार्यालय में कई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित थे और अपने कार्य में व्यस्त थे। उसी समय लुकमान और सलीम एक्का अपने 4-5 साथियों के साथ बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे।

शिकायत के अनुसार, लुकमान ने कर्मचारियों से कहा, "तुम्हारे साहब कहां गए? तुम गोदाम कीपर हो क्या? स्ट्रीट लाइट का हिसाब दो और अपना रजिस्टर दिखाओ।" वायरमैन महेंद्र ने जवाब में कहा कि जो लाइटें आई हैं, उन्हें विद्युत निरीक्षक जरूरत के अनुसार वार्ड में लगाने के लिए ले गए हैं। महेंद्र ने उन लोगों से यह भी कहा कि विद्युत निरीक्षक ही बताएंगे कि लाइटें कहां लगेंगी। उस समय लुकमान अपने समर्थकों के साथ वहां से चला गया।

इसके बाद लगभग शाम 5 बजे लुकमान अपने साथियों के साथ दोबारा कार्यालय में आया और वहां नमाज पढ़ने की बात कही। शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर लुकमान ने कहा कि 'हम सब बिजली विभाग के कार्यालय में ही नमाज पढ़ेंगे और स्ट्रीट लाइट लेकर ही जाएंगे।' ऐसा कहते हुए, उन्होंने विद्युत अधीक्षक के केबिन में रखी कुर्सियां फेंक दीं।

महेंद्र रघुनाथ सावंत ने आरोप लगाया कि उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, तभी उनमें से एक ने जोर से कुर्सी फेंकी जो उसके पैर में लगी। उन्होंने कुर्सी पर रखा सफेद कपड़ा जमीन पर डाल दिया और वहीं नमाज पढ़ने के लिए बैठने लगे। अन्य कर्मचारियों ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी की कोई बात नहीं सुनी गई। उनमें से एक व्यक्ति मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए धमकी देने लगा। धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई।

महेंद्र रघुनाथ सावंत की शिकायत के बाद नासिक (ग्रामीण) पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालने की गंभीरता को भी दर्शाती है। ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई न केवल कानून के शासन को सुनिश्चित करती है, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और सहिष्णुता को बढ़ावा देती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालेगांव में नमाज पढ़ने की घटना कब हुई?
यह घटना 26 फरवरी को मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग कार्यालय में हुई।
इस मामले में कितने लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
इस मामले में नासिक पुलिस ने कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
महेंद्र रघुनाथ सावंत ने शिकायत में क्या कहा?
महेंद्र ने बताया कि नमाज पढ़ने आए लोगों ने कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हाँ, पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इस घटना का क्या महत्व है?
यह घटना सरकारी कार्य में बाधा डालने और धार्मिक सहिष्णुता के मुद्दे को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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