10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आकाश मोरे का बारामती उपचुनाव में संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामांकन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आकाश मोरे का बारामती उपचुनाव में संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामांकन

सारांश

आकाश मोरे ने बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस, आरएसपी और वीबीए के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। क्या यह त्रिपक्षीय गठबंधन चुनावी समीकरणों को बदल सकेगा?

मुख्य बातें

आकाश मोरे ने बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।
उनका समर्थन कांग्रेस , आरएसपी और वीबीए ने किया है।
वे सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
आकाश मोरे ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कुछ शर्तें रखी हैं।
उनकी राजनीतिक विरासत उनके पिता से जुड़ी है।

बारामती, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और अधिवक्ता आकाश मोरे ने आगामी बारामती विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस, राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में सोमवार को आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया।

उनका सामना राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से होगा।

कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि यदि एनसीपी (शरद पवार गुट) इस सीट से चुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस खुद मैदान में उतरेगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरएसपी के नेता और पूर्व मंत्री महादेव जानकर तथा वीबीए के नेता और पूर्व सांसद अधिवक्ता प्रकाश अंबेडकर के साथ इस रणनीति पर व्यापक चर्चा की।

इस संवाद के परिणामस्वरूप एक संयुक्त मोर्चा का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय समाज पक्ष और वंचित बहुजन अघाड़ी ने कांग्रेस उम्मीदवार का पूरा समर्थन किया।

'लोकतंत्र की लड़ाई, संविधान का मार्ग' के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस पार्टी ने आकाश मोरे पर अपनी उम्मीदें टिका रखी हैं।

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि त्रिपक्षीय गठबंधन के समर्थन से आकाश मोरे का बारामती से चुनाव में उतरना, इस बहुचर्चित निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को काफी हद तक बदल सकता है।

इससे पहले, आकाश मोरे ने कहा था कि वे अपनी उम्मीदवारी पर तभी पुनर्विचार करेंगे जब राज्य सरकार औपचारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करे और अजित पवार की मौत का कारण बने विमान हादसे की गहन जांच करे।

आकाश मोरे ने कहा कि हम लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं।

आकाश मोरे ने यह भी कहा कि अजित पवार से जुड़ा हादसा केवल एक संयोग नहीं था। सच्चाई तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। यदि सरकार एफआईआर दर्ज करती है और मामले की गंभीरता से जांच करती है, तभी मैं अपने नामांकन को वापस लेने पर विचार करूंगा।

पेशे से वकील आकाश मोरे की राजनीतिक विरासत है; उनके पिता ने २०१४ में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बारामती निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह गठबंधन विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच एक नई रणनीति को दर्शाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी माहौल कितना प्रतिस्पर्धी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन-कौन से दल आकाश मोरे का समर्थन कर रहे हैं?
आकाश मोरे को कांग्रेस, राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) का समर्थन प्राप्त है।
आकाश मोरे का मुकाबला किससे होगा?
आकाश मोरे का मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से होगा।
क्या आकाश मोरे अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं?
आकाश मोरे ने कहा है कि वे तब ही अपनी उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करेंगे जब राज्य सरकार एफआईआर दर्ज करे।
आकाश मोरे की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
आकाश मोरे के पिता ने २०१४ में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले