क्या अलीगढ़ में टप्पल पुलिस ने ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया?

सारांश
Key Takeaways
- अलीगढ़ पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों ने 61 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की थी।
- धोखाधड़ी के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
- पुलिस ने धारा 14(1) के तहत संपत्ति जब्त की।
- यह मामला किसानों और निवेशकों के लिए एक चेतावनी है।
अलीगढ़, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के टप्पल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए किसानों और निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले तीन चतुर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, स्थानीय किसानों और निवेशकों को झूठे वादों और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ठगकर 61 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की थी।
इस मामले का खुलासा अलीगढ़ पुलिस की जांच के परिणामस्वरूप हुआ। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी प्लॉटिंग, जमीन की बिक्री और दस्तावेजों में हेराफेरी करके संपत्ति का निर्माण किया था। अब पुलिस ने धारा 14(1) के तहत इस अवैध संपत्ति को जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अजीत कुमार रमण, प्रवीण कुमार और श्रवण कुमार हैं।
इन तीनों पर कुल 25 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और ये सभी अवैध जमीन बिक्री और प्लॉटिंग के मामलों में लंबे समय से सक्रिय थे।
अलीगढ़ के एसपीआरए अमृत जैन ने बताया, "हमें टप्पल क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश मिले थे। इसी क्रम में टप्पल पुलिस ने तीन शातिर गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर किसानों और निवेशकों को धोखा दे रहे थे। हाल ही में अलीगढ़ पुलिस ने 61 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों को कुंडा कस्बा, प्रतापगढ़ जनपद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।"
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है।