क्या अमेरिका भारत को वेनेजुएला के तेल तक पहुंचने की अनुमति देने के लिए तैयार है?

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क्या अमेरिका भारत को वेनेजुएला के तेल तक पहुंचने की अनुमति देने के लिए तैयार है?

सारांश

अमेरिका का व्हाइट हाउस भारत को वेनेजुएला के तेल की खरीदारी के लिए तैयार है। यह नया नियंत्रित ढांचा उन देशों के लिए महत्वपूर्ण है, जो कच्चे तेल के बड़े खरीदार रहे हैं। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए, यह कदम भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

Key Takeaways

  • अमेरिका का नया नियंत्रित ढांचा भारत को वेनेजुएला के तेल खरीदने की अनुमति देगा।
  • भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।
  • तेल की बिक्री अमेरिकी सरकार के माध्यम से होगी।
  • भ्रष्टाचार से बचने के लिए धन का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
  • वैश्विक बाजार में वेनेजुएला का तेल फिर से पहुंच सकता है।

वाशिंगटन, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि अमेरिका एक नए नियंत्रित ढांचे के तहत भारत को वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीदारी की अनुमति देने के लिए तैयार है। यह ढांचा अमेरिका के नियंत्रण में होगा। इससे यह संकेत मिलता है कि वेनेजुएला का तेल फिर से उन देशों तक पहुंच सकता है जो प्रतिबंधों से पहले इसके बड़े खरीदार थे, जिनमें भारत भी शामिल था। अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजार में बेचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

जब अधिकारी से पूछा गया कि भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए क्या अमेरिका भारत को वेनेजुएला का तेल खरीदने देगा, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में केवल “हां” कहा, लेकिन यह भी जोड़ा कि अभी इस व्यवस्था का पूरा ब्योरा तय किया जा रहा है, इसलिए अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती।

अधिकारी ने फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू में अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट के बयान का हवाला दिया। राइट ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला का तेल लगभग सभी देशों को बेचने के लिए तैयार है।

क्रिस्टोफर राइट ने बताया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल को फिर से शुरू करने की अनुमति दे रहा है, लेकिन यह एक खास व्यवस्था के तहत होगा। इस व्यवस्था में तेल की बिक्री अमेरिकी सरकार के जरिए होगी और उससे मिलने वाला पैसा अमेरिका के नियंत्रण वाले खातों में जाएगा। बाद में यह धन वेनेजुएला को इस तरह दिया जाएगा कि उसका फायदा वहां के आम लोगों को मिले, न कि भ्रष्टाचार या सरकार के गलत कामों को।

राइट ने यह भी बताया कि वेनेजुएला के कच्चे तेल में केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप, एशिया और दुनिया के कई दूसरे हिस्सों के खरीदार भी रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कई तेल रिफाइनरियां पहले से ही वेनेजुएला के तेल को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं और आज भी इसकी मांग बनी हुई है।

ऊर्जा मंत्री ने इसे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि अमेरिका प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करते हुए वेनेजुएला के तेल क्षेत्र की दिशा बदलना चाहता है। राइट ने साफ कहा कि या तो वेनेजुएला अमेरिका के साथ मिलकर तेल बेचेगा, या फिर तेल नहीं बेचेगा। उनके अनुसार, तेल और उससे मिलने वाली आय पर अमेरिकी नियंत्रण का उद्देश्य अवैध गतिविधियों और अस्थिरता को खत्म करना है।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि अमेरिका केवल बातें नहीं कर रहा, बल्कि नियमों को लागू भी कर रहा है। हाल ही में प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किए जाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने फैसलों को सख्ती से लागू करेगा। उन्होंने नए फ्रेमवर्क के बाहर वेनेजुएला का तेल ले जाने वाले जहाजों के खिलाफ अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, "सिर्फ़ उसी एनर्जी कॉमर्स को इजाजत मिलेगी, जिसे यूएस सही और कानूनी मानेगा।"

न्यूयॉर्क में हुई एक ऊर्जा सम्मेलन में राइट ने बताया कि अमेरिका वेनेजुएला में अभी स्टोरेज में रखे 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल वेनेजुएला के तेल को बेचने की योजना बना रहा है, जिसके बाद भविष्य के प्रोडक्शन की लगातार बिक्री होगी।

उन्होंने कहा, "हम उस कच्चे तेल को फिर से चालू करेंगे और बेचेंगे। यूनाइटेड स्टेट्स डाइल्यूएंट भी सप्लाई करेगा और प्रोडक्शन को स्थिर करने और फिर बढ़ाने के लिए पार्ट्स और इक्विपमेंट के इंपोर्ट को भी मुमकिन बनाएगा।" अमेरिकी अधिकारी उन तेल कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं जो पहले वेनेजुएला में काम करती थीं, साथ ही उन कंपनियों के साथ भी जो वापस आने में दिलचस्पी रखती हैं, ताकि इन्वेस्टमेंट के लिए जरूरी शर्तों पर बात हो सके।

गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भारत वेनेजुएला के तेल का बड़ा खरीदार था। भारत अपनी खास रिफाइनरियों में इस भारी कच्चे तेल का इस्तेमाल करता था। फिर से एक्सेस मिलने की संभावना लगातार बढ़ती मांग के बीच भारत के एनर्जी इंपोर्ट में विविधता लाने में मदद कर सकती है।

हालांकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, वहीं भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है और अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

Point of View

लेकिन इसे सही तरीके से लागू करना भी जरूरी है। यह कदम भारत के तेल आयात में विविधता लाने का एक अवसर हो सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आ सकती है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या भारत वेनेजुएला का तेल खरीद सकता है?
जी हां, अमेरिका ने भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए एक नए ढांचे का प्रस्ताव दिया है।
ये नए नियम कब लागू होंगे?
अभी इस व्यवस्था का पूरा विवरण तय किया जा रहा है, इसलिए नियमों के लागू होने की तिथि अभी स्पष्ट नहीं है।
भारत को इससे क्या लाभ होगा?
यह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और ऊर्जा आयात में विविधता लाने का अवसर प्रदान करेगा।
क्या अमेरिका वेनेजुएला का तेल सभी देशों को बेचेगा?
जी हां, अमेरिका ने कहा है कि वेनेजुएला का तेल लगभग सभी देशों को बेचा जाएगा।
क्या वेनेजुएला के पास तेल का बड़ा भंडार है?
जी हां, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है।
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