केजरीवाल का मेटा पर आरोप: इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में किया गया रिस्ट्रिक्ट, कोई जवाब नहीं
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 6 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर आरोप लगाया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में बिना किसी स्पष्टीकरण के रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है। केजरीवाल ने कहा कि मेटा के भारत कार्यालय से संपर्क करने और कई ईमेल भेजने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
केजरीवाल ने क्या कहा
केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मेटा को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'हाय मेटा, आपने मेरा अकाउंट क्यों रिस्ट्रिक्ट किया है? आपके भारत ऑफिस में पूछने पर पता चला कि मेरा अकाउंट भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है और यहां उपलब्ध नहीं है। क्यों? आपके ऑफिस में कोई भी इसका कारण नहीं बता रहा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'कोई यह भी नहीं बता रहा है कि ये पाबंदियां कैसे हटाई जा सकती हैं। जितने भी ईमेल भेजे गए, उनका कोई जवाब नहीं मिला, बस एक प्राप्ति की सूचना मिला। यह बहुत खराब सर्विस है। हमारे प्रधानमंत्री के सामने इतना भी मत झुकिए। वरना वे आपको भारत में सिर्फ उन्हीं का अकाउंट चलाने देंगे।'
मेटा की माफी और सरकार से बैठक
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मेटा पहले से ही भारत सरकार के साथ नाज़ुक दौर से गुज़र रही है। बुधवार, 5 अगस्त को मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए लगी रोक के लिए औपचारिक माफी मांगी।
कपलान ने कहा, 'मैंने पीएम मोदी की पोस्ट पर रोक लगाने वाली गलती के लिए मेटा की तरफ से मंत्री से माफी मांगी।' इस बैठक से पहले मेटा के प्रतिनिधिमंडल ने आईटी सेक्रेटरी एस. कृष्णन के साथ भी अलग से बातचीत की।
जुकरबर्ग ने भी माँगी माफी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, उसी दिन मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी सीएसएएम (बाल यौन शोषण सामग्री) और डीपफेक कंटेंट के प्रसार के साथ-साथ कंपनी के प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई कमियों के लिए माफी मांगी। सूत्रों ने बताया कि जुकरबर्ग ने आपत्तिजनक और हेर-फेर किए गए कंटेंट को लेकर सरकार की चिंताओं को स्वीकार किया।
व्यापक संदर्भ: भारत में मेटा की जांच
गौरतलब है कि भारत में मेटा के कंटेंट मॉडरेशन तंत्र की कड़ी जांच पहले से जारी है। यह जांच पीएम की फेसबुक पोस्ट पर लगी अस्थायी रोक और प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद तेज़ हुई है। केजरीवाल का यह आरोप इस पूरे विवाद में एक नई परत जोड़ता है — जहाँ एक विपक्षी नेता का दावा है कि उनका अकाउंट राजनीतिक कारणों से रिस्ट्रिक्ट किया गया है।
आगे क्या होगा
मेटा ने अब तक केजरीवाल के इंस्टाग्राम अकाउंट पर रिस्ट्रिक्शन के बारे में कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। यह देखना होगा कि क्या सरकार इस मामले को मेटा के साथ अपनी चल रही वार्ता में उठाती है, और क्या कंपनी विपक्षी नेताओं के अकाउंट पर लगाई पाबंदियों को लेकर पारदर्शिता दिखाती है।